वेद स्वरूप विमर्श (स्वामी करपात्री जी महाराज - अपौरुषेय वेद-प्रामाण्य एवं वैदिक समन्वय)
Veda Swaroop Vimarsha of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
पृष्ठ 157, कुल 237 में से
संदर्भ में पढ़ेंष्ट्रा might be missing or dropped, let's look closely at L18: तस्माद्दा वर्षीयांसोऽथ. Wait, look at भववतस्मात्समा: भववतस्मात्समा or भवतस्तस्मात्समा? भववतस्मात्समा - it has भववतस्मात्समा! Double व? No, भवतस्तस्मात्समा! Look at the loop: भ व त स्त स्मा त्स मा -> भवतस्तस्मात्समा!).
* Wait, let's re-examine L18:
रयति तस्माद्दा वर्षीयांसोऽथ यत्सच्छन्दसावेव संयाज्ये भवतस्तस्मात्समा
Wait, is it तस्माद्दा or तस्माद्दंष्ट्रा?
Look at L18: तस्माद्दा - the letter after दा is space, then वर्षीयांसोऽथ. Wow, ष्ट्रा seems omitted by the printer: तस्माद्दा वर्षीयांसोऽथ.
* L19: एव जम्भ्याः । अथ यद् बर्हिस्तृणाति तस्मादिमाः प्रजा लोमशा जायन्ते ।
* L20: `अथ यत्पुनरिव प्रस्तरं स्तृणाति तस्