वेद स्वरूप विमर्श (स्वामी करपात्री जी महाराज - अपौरुषेय वेद-प्रामाण्य एवं वैदिक समन्वय)
Veda Swaroop Vimarsha of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें: wait, the top is a dot, bottom is a comma: ';'.
Line 10: "सिद्धान्तिनैयायिका, मीमांसका वेदान्तिनश्च ।"
Line 12: "तदर्थमुद्भावयन्ति अंशानाक्षेपांर्हान् तथापि" Wait, look at "अंशानाक्षेपांर्हान्": Is that an anusvara on 'पा'? Wait, the repha is on 'हा': 'र्हा'. Before 'र्हा', there is a small dot above 'पा': 'पांर्हान्' or is it just the repha's tail? The repha starts above 'हा' and curves left. Sometimes that curve looks like a dot. But let's look: "अंशानाक्षेपार्हान्" (अंशान् + आक्षेपार्हान् -> अंशाननाक्षेपार्हान्? No, "अंशानाक्षेपार्हान्").
Line 16: "सिद्धान्तित्वे उपक्षतं कोटिप्रकोटयः सम्यग् विस्तरेण" Wait, is it "उपक्षतं" or "उपेक्ष्य"? Let's read: 'उ' 'प' 'क' '्' 'ष' 'त' 'ं' -> "उपक्षतं" or "उपक्षिताः"? Wait: "सिद्धान्तित्वे उपक्षतं कोटिप्रकोटयः" or "उपक्षिप्तं"? Wait