वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)
Vedanta Paribhasha Hindi
धर्मराजाध्वरीन्द्र द्वारा
स्रोत: Vedanta Paribhasha with Hindi Commentary by Pt. Gajanan Shastri Musalgaonkar (उद्गम)
DevanagariHindipublished482 पृष्ठ
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१८६ | वेदान्तपरिभाषा | [ उपमानस्य प्रमाणान्तरत्वम्
'अहम् अनुमिनोमि' मैं गवय-सादृश्य का अनुमान करता हूँ, यह अनुव्यवसाय नहीं होता। किन्तु 'उपमिनोमि' मैं उपमान से जानता हूँ—यह अनुव्यवसाय होता है। इससे भी 'गोनिष्ठ सादृश्यज्ञान' अनुमित्यात्मक न होकर उपमित्यात्मक है, यह सिद्ध होता है। अतः 'उपमान' यह स्वतन्त्र पृथक् प्रमाण है, यह अवश्य स्वीकार करना चाहिए।
श्रीगजाननशास्त्रि-मुसलगांवकर-विरचिते सविवरण-प्रकाशे
॥ उपमानपरिच्छेदः समाप्तः ॥
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