भारतकोश
वेणीसंहारम् (भट्ट नारायण - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

वेणीसंहारम् (भट्ट नारायण - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Venisamhara Nataka of Bhatta Narayana with Commentary

भट्ट नारायण द्वारा

DevanagariHindipublished355 पृष्ठ

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पृष्ठ 194

१७४ वेणीसंहारं नाटकं -च्छोटनटङ्कारेण गम्भीरभीषणेन ज्ञायते गर्जितं प्रलयजलधरेणेति ।) दुर्योधनः—ततस्ततः । सुन्दरकः—तदो देव, दाहिणं वि ताणं अण्णोण्णसिंहणादगज्जिदपिसुणं विविहपरिमुक्कप्पहरणाहदकवअसंगलिदजलनविज्जच्छडाभासुरं गम्भीर- त्थणिअचापजलहर प्पसरन्तसरधारासहस्सवरिस जाद समरदुद्दिणं । (ततो देव, द्वयोरपि तयोरन्योन्यसिंहनादगर्जितपिशुनं विविधपरिमुक्तप्रहरणाहतकव- चसङ्गलितज्वलनविद्युच्छटाभासुरं गम्भीरस्तनितचापजलधरं प्रसरच्छरधारासहस्रवर्षि जातं समरदुर्दिनम् ) दुर्योधनः—ततस्ततः । सुन्दरकः—तदो देव, एदस्स अन्तरे जेट्ठस्स भादुणो परिभवसङ्किणा।


ज्या तस्याच्छोटनेन आस्फालनेन यः टङ्कारः धनुशब्दः तेन, गम्भीरभीषणेन = धीर- भयावहेन, प्रलयजलधरेण = प्रलयकालिकमेघेन, गर्जितं = स्तनितमिति ज्ञायते । तयोः—भीमकर्णयोः अन्योन्यसिंहनादगर्जितपिशुनं = परस्परं सिंहनाद इव गर्जितं तस्य पिशुनं सूचकम्, विविधपरिमुक्तप्रहरणाहतकवचसङ्गलितज्व- लनविद्युच्छटाभासुरं = विविधैः अनेकविधैः परिमुक्तप्रहरणैः त्यक्तशस्त्रैः आहतं यत् कवचं तस्मात् सङ्गलितः निःसृतो यो ज्वलनः अग्निः विद्युच्छटा इव तथा भासुरं प्रकाशमानम्, गम्भीरस्तनितचापजलधरं = गम्भीरं स्तनितं शब्दः स चासौ चापः स एव जलधरः मेघो यत्र, इदं सर्वसमरदुर्दिनस्य विशेषणम् । प्रसरच्छरधारामहत्व-


मेघ गर्जन कर रहे हैं अर्थात् अन्धकार प्रलय-काल के मेघों का भाँति और धनुष की टङ्कार उनकी गड़गड़ाहट के साथ गर्जन की भाँति प्रतीत होती थी । दुर्योधन—फिर क्या हुआ ? सुन्दरक—इसके अनन्तर महाराज ! उन दोनों [ कर्ण और भीमसेन ] का परस्पर हुङ्कारनाद मेघगर्जन का सूचक था । अनेक प्रकार के प्रक्षिप्त शस्त्रों से सन्ताड़ित कवच से निकले हुए स्फुलिङ्ग (चिनगारियाँ) बिजली के सदृश थे ! प्रचुर परिमाण में रक्त की विन्दुएँ जुगूनू के सदृश चमक रही थीं । निर्घोषकारी धनुरूपी मेघ से छूटते हुए वे असंख्य बाण जल की धारायें थीं जो अत्यन्त भयोत्पादक दिखलाई पड़ती थीं । वर्षा के दिन की तरह दोनों में युद्ध प्रारम्भ हो गया ! दुर्योधन—तो फिर क्या हुआ ? सुन्दरक—तो फिर महाराज इसी अवसर पर ज्येष्ठ भ्राता [ भीम के ] पराजय की