वेणीसंहारम् (भट्ट नारायण - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)
Venisamhara Nataka of Bhatta Narayana with Commentary
भट्ट नारायण द्वारा
पृष्ठ 21, कुल 355 में से
संदर्भ में पढ़ेंपात्र-परिचय पुरुष पात्र सूत्रधार—नटों में मुख्य (नाटक-स्थापक) अश्वसेन—द्रोणाचार्य का रथवाहक पारिपार्श्वक—सूत्रधारका सहचर कृपाचार्य—अश्वत्थामा का मामा जयन्धर—पाण्डवों का कंचुकी कर्ण—राधा (सूत की स्त्री) से श्रीकृष्ण—भगवान् वासुदेव परिपालित (गुप्त कुन्तीपुत्र) युधिष्ठिर—कुन्तीपुत्र, पाण्डव— दुर्योधन का मित्र भीम— ,, ,, —२ जयद्रथ—दुर्योधन का बहनोई अर्जुन— ,, ,, —३ सुन्दरक—कर्ण का सन्देशवाहक नकुल—माद्रीपुत्र ,, —४ धृतराष्ट्र—दुर्योधन का पिता सहदेव— ,, ,, —५ सञ्जय—व्यास का शिष्य विनयंधर—कौरवों का कंचुकी वृषसेन—महारथी कर्ण का पुत्र दुर्योधन—कौरव-राजा पांचालक—पाण्डवों का सन्देशवाहक रुधिरप्रिय—पाण्डव पक्षपाती राक्षस राक्षस—दुर्योधन का मित्र चार्वाक अश्वत्थामा—द्रोणाचार्य का पुत्र सूत—दुर्योधन का मित्र, रथवाहक
स्त्री पात्र द्रौपदी—पाण्डवों की स्त्री (पांचाली) दुःशला—जयद्रथ की स्त्री बुद्धिमत्तिका—द्रौपदी की दासी माता—जयद्रथ की माता चेटी—द्रौपदी की दासी वसागन्धा—पाण्डव पक्षपातिनी राक्षसी भानुमती—दुर्योधन की रानी गान्धारी—दुर्योधन की माता सुवदना—भानुमती की सखी प्रतिहारी—दुर्योधन की परिचारिका तरलिका—भानुमती की दासी
—:०:—