भारतकोश
वेणीसंहारम् (भट्ट नारायण - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

वेणीसंहारम् (भट्ट नारायण - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Venisamhara Nataka of Bhatta Narayana with Commentary

भट्ट नारायण द्वारा

DevanagariHindipublished355 पृष्ठ

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पृष्ठ 299

२८० वेणीसंहारं नाटकं

युधिष्ठिरः—साधुः ! भो अर्जुन, तदैव प्रतिपन्ना वृकोदरपदवी गाण्डीवं
परित्यजता । अह पुन: केनोपायेन प्राणापगमनमहोत्सवमुत्सहिष्ये ।
द्रौपदी—हा णार भीमसेण, ण जुत्तं दाणि दे कणीअसं भादरं असि-
क्खिदं गदाये, दारुणस्स, सत्तुणो अहिमुहं गच्छन्तं उवक्खिदुम् । (मोहमु-
पगता ।) ( हा नाथ भीमसेन, न युक्तमिदानी ते कनीयांसं भ्रातरमशिक्षितं गदायां
दारुणस्य शत्रोरभिमुखं गच्छन्तमुपेक्षितुम् । )
राक्षसः —ततश्चाहं...
युधिष्ठिरः —भवतु मुने, किमतः परश्रुतेन । हा तात भीमसेन, कान्ता-
रव्यसनवान्धव, हा मच्छरीरस्थितिविच्छेदेकातर, जतुगृहविपत्समुद्रतरण-
सूनुः=कृष्णः नीत इति मुख्ये कर्मणि क्तप्रत्ययात्कृष्ण इति प्रथमान्तम्, बलरामः कृष्णे
नीत्वा द्वारकां गत इति भावः ।
तदैव = गदाग्रहणसमय एव अथवा भ ममृत्यसमय एव, प्रतिपन्ना = प्राप्ता
वृकोदरपदवी = भीमवर्म स्वर्गमित्यर्थः गाण्डीवं परित्यजतेति-एतेन यदि त्वया,
गाण्डीवो न त्यक्तः स्यात्तदा तवैव विजयः स्यादतस्त्वमपि भीममरणजन्यदुःख देव
मृत इति ध्वनितम् । प्राणापगमनमहोत्सवं = प्राणापगमनं प्राणत्यागः तदेव महोत्सवः
तम्, उत्सहिष्ये = करिष्ये । उपेक्षितुम् = औदासीन्य दर्शयितुम् ।
'आओ आओ' इस प्रकार के उपहास के साथ घुमाये जाते हुए गदा की झङ्कार से विमिश्रित
गम्भीर वाणी में कुरुराज के द्वारा ललकारे जाने पर युद्ध करना प्रारम्भ कर दिया । गदायुद्ध
में अनभिज्ञ उम अर्जुन को गदाघात से मृत्यु की सम्भावना कर अर्जुन पक्षपाती श्रीकृष्ण
को बलराम प्रयत्नपूर्वक अपने रथ पर बैठाकर द्वारका ले गये ।
युधिष्ठिर—धन्य अर्जुन ! गाण्डीव का परित्याग करते हुए उसी क्षण वृकोदर की उपाधि
तूने प्राप्त कर ली और मैं किस उपाय से प्राण छोड़कर हृदय को धैर्य बँधाऊँगा ।
द्रौपदी—हाय नाथ भीमसेन ! प्रबल शत्रु के सम्मुख जाते हुए गदायुद्ध में अनभिज्ञ
अपने कनिष्ठ भ्राता की उपेक्षा करना तुम्हारे लिए उचित नहीं ।
( यह कह कर चेतनारहित हो जाती है )
राक्षस—उसके अनन्तर मैंने...
युधिष्ठिर—बस; तपस्विन् ! रहने दीजिए इसके आगे सुनने से क्या प्रयोजन ? हाय
भाई भीमसेन, हाय दुर्गम वनों के पथप्रदर्शक, हाय मेरे शरीर की स्थिति के भङ्ग के लिए
कायर, हाय लाक्षागृह के कष्टरूपी समुद्र से पार लगाने वाले जलयान [ जहाज ], हाय