भारतकोश
विनय पत्रिका (सटीक - गीताप्रेस)

विनय पत्रिका (सटीक - गीताप्रेस)

Vinaya Patrika with Commentary - Gita Press

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा

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१४० विनय-पत्रिका

तुलसिदास भव-त्रास मिटै तब, जब मति येहि सरूप अटकै। नाहिंत दीन मलीन हीन-सुख, कोटि जनम भ्रमि भ्रमि भटकै ॥९॥ शब्दार्थ-केतु = पताका । त्रिवली = पेटकी रेखाएँ या तीन पेटी । विप्र = ब्राह्मण; यहाँ भृगु ऋषिके लिए आया है । करषै = आकर्षित करता है । दाम = गुच्छा, माला । मुद्रिक = अँगूठी । सिंधुसुता = समुद्र-कन्या, लक्ष्मीजी । अटकै = फँस जाता है । भावार्थ-हे मन, इस शरीरका परम फल इतना ही है कि अपना स्वभाव छोड़कर सुन्दर अंग-प्रत्यंगवाले भगवान् विन्दुमाधवजीकी छविका एक पलके लिए अवलोकन कर ॥१॥ उनके कोमल चरण पूर्ण विकसित लाल कमलके समान हैं और नखोंकी प्रभा हृदयके अन्धकारको दूर करनेवाली है। उनके चरणोंमें वज्र, पताका, जौ, कमल आदिकी श्रेष्ठ रेखाएँ हैं और अंकुशका चिह्न मनरूपी हाथीको वशमें करनेवाला है ॥२॥ पैरोंमें मणि-जटित स्वर्ण-नूपुर और कटिभागमें करधनी मधुर स्वरमें बज रही है। पेटपर तीन पेटियाँ (लकीरें) पड़ी हैं और गम्भीर नाभि मानो सरोवर है जहाँसे ज्ञानी ब्रह्मा प्रकट हुए हैं ॥३॥ हृदयपर वनमाला और उसके बीचमें रत्नोंकी चौकी अत्यन्त शोभायमान हो रही है; वहाँपर जो भृगु-चरणका चिह्न है, वह चित्तको खींच लेता है। नीले कमलके गुच्छेके रंगका शरीर है; उसपर पीताम्बर तो मानो शोभाकी वर्षा कर रहा है ॥४॥ हाथोंमें मनोहर कंकण और विजयठ हैं; अँगूठी अलग ही आनन्द दे रही है। हाथीकी सूँड़के समान चारों भुजाओंमें गदा, पद्म, शंख और सुन्दर सुदर्शन चक्र धारण किये हैं ॥५॥ शंखके समान ग्रीवा है, चिबुक और दाँतोंमें सुन्दरताकी हद हो गयी है; लाल ओठ और उन्नत (सुडौल) नासिका है। नवीन कमलके समान नेत्र, चन्द्रमाके समान मुख और स्वच्छ हँसी भक्तोंको सुख देनेवाली है ॥६॥ सुन्दर कपोल हैं, कानोंमें कुण्डल हैं, सिरपर मुकुट है और ललाटपर सुहावना तिलक शोभित हो रहा है। ललित भौंहें और सुन्दर चितवन है; काले बालोंको देखकर भ्रमरोंकी पंक्ति लज्जित हो जाती है ॥७॥ रूप, शील और गुणोंकी खानि लक्ष्मीजी उन भगवान् विन्दुमाधवकी दाहिनी ओर बैठी उनके चरणोंकी सेवामें तल्लीन हैं-जिनकी कृपा-दृष्टि शिव, ब्रह्मा, मुनि, मनुष्य, दैत्य और देवता भी चाहते हैं ॥८॥ तुलसीदास कहते हैं कि यह संसार-भय तभी मिटता है, जब बुद्धि इस स्वरूपमें अटक जाती है; नहीं तो (प्रत्येक