भारतकोश
विष्णु पुराण

विष्णु पुराण

Vishnu Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished558 पृष्ठ

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अध्यायविषयपृष्ठ-संख्याअध्यायविषयपृष्ठ-संख्या
५-शुक्लयजुर्वेद तथा तैत्तिरीय यजुः-शाखाओंका वर्णन१८०१३-सत्वतकी सन्ततिका वर्णन और स्यमन्तकमणिकी कथा२७६
६-सामवेदकी शाखा, अठारह पुराण और चौदह विद्याओंके विभागका वर्णन१८२१४-अनमित्र और अन्धकके वंशका वर्णन२८७
७-यमगीता१८५१५-शिशुपालके पूर्व-जन्मान्तरोंका तथा वसुदेवजीकी सन्ततिका वर्णन२८९
८-विष्णुभगवान्की आराधना और चातुर्वर्ण्य-धर्मका वर्णन१८९१६-तुर्वसुके वंशका वर्णन२९३
९-ब्रह्मचर्य आदि आश्रमोंका वर्णन१९२१७-द्रुह्युवंश२९३
१०-जातकर्म, नामकरण और विवाह-संस्कारकी विधि१९४१८-अनुवंश२९३
११-गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन१९६१९-पुरुवंश२९५
१२-गृहस्थसम्बन्धी सदाचारका वर्णन२०६२०-कुरुके वंशका वर्णन२९८
१३-आभ्युदयिक श्राद्ध, प्रेतकर्म तथा श्राद्धादिका विचार२०९२१-भविष्यमें होनेवाले राजाओंका वर्णन३०१
१४-श्राद्ध-प्रशंसा, श्राद्धमें पात्रापात्रका विचार२१२२२-भविष्यमें होनेवाले इक्ष्वाकुवंशीय राजाओंका वर्णन३०२
१५-श्राद्ध-विधि२१५२३-मगधवंशका वर्णन३०३
१६-श्राद्ध-कर्ममें विहित और अविहित वस्तुओंका विचार२१९२४-कलियुगी राजाओं और कलिधर्मोंका वर्णन तथा राजवंश-वर्णनका उपसंहार३०३
१७-नग्नविषयक प्रश्न, देवताओंका पराजय, उनका भगवान्की शरणमें जाना और भगवान्का मायामोहको प्रकट करना२२१पंचम अंश
१८-मायामोह और असुरोंका संवाद तथा राजा शतधनुकी कथा२२४१-वसुदेव-देवकीका विवाह, भारपीडिता पृथिवीका देवताओंके सहित क्षीरसमुद्रपर जाना और भगवान्का प्रकट होकर उसे धैर्य बँधाना, कृष्णावतारका उपक्रम३१३
चतुर्थ अंश२-भगवान्का गर्भ-प्रवेश तथा देवगणद्वारा देवकीकी स्तुति३२०
१-वैवस्वतमनुके वंशका विवरण२३३३-भगवान्का आविर्भाव तथा योगमाया-द्वारा कंसकी वंचना३२१
२-इक्ष्वाकुके वंशका वर्णन तथा सौभरि-चरित्र२३८४-वसुदेव-देवकीका कारागारसे मोक्ष३२४
३-मान्धाताकी सन्तति, त्रिशंकुका स्वर्गारोहण तथा सगरकी उत्पत्ति और विजय२४८५-पूतना-वध३२५
४-सगर, सौदासा, खट्वांग और भगवान् रामके चरित्रका वर्णन२५१६-शकटभंजन, यमलार्जुन-उद्धार, व्रज-वासियोंका गोकुलसे वृन्दावनमें जाना और वर्षा-वर्णन३२७
५-निमि-चरित्र और निमिवंशका वर्णन२५८७-कालिय-दमन३३१
६-सोमवंशका वर्णन; चन्द्रमा, बुध और पुरूरवाका चरित्र२६०८-धेनुकासुर-वध३३७
७-जह्नुका गंगापान तथा जमदग्नि और विश्वामित्रकी उत्पत्ति२६५९-प्रलम्ब-वध३३८
८-काश्यपवंशका वर्णन२६७१०-शरद्वर्णन तथा गोवर्धनकी पूजा३४१
९-महाराज रजि और उनके पुत्रोंका चरित्र२६८११-इन्द्रका कोप और श्रीकृष्णका गोवर्धन-धारण३४५
१०-ययातिका चरित्र२७०१२-शक्र-कृष्ण-संवाद, कृष्ण-स्तुति३४७
११-यदुवंशका वर्णन और सहस्रार्जुनका चरित्र२७२१३-गोपीद्वारा भगवान्का प्रभाववर्णन तथा भगवान्का गोपियोंके साथ रासक्रीडा करना३४९
१२-यदुपुत्र क्रोष्टुका वंश२७४१४-वृषभासुर-वध३५३
१५-कंसका श्रीकृष्णको बुलानेके लिये अक्रूरको भेजना३५५