भारतकोश
विष्णु पुराण

विष्णु पुराण

Vishnu Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariHindipublished558 पृष्ठ

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अध्यायविषयपृष्ठ-संख्याअध्यायविषयपृष्ठ-संख्या
१६-केशि-वध३५७३१-भगवान्‌का द्वारकापुरीमें लौटना और सोलह हजार एक सौ कन्याओंसे विवाह करना४००
१७-अक्रूरजीकी गोकुलयात्रा३५९३२-उषा-चरित्र४०१
१८-भगवान्‌का मथुराको प्रस्थान, गोपियोंकी विरह-कथा और अक्रूरजीका मोह३६२३३-श्रीकृष्ण और बाणासुरका युद्ध४०४
१९-भगवान्‌का मथुरा-प्रवेश, रजक-वध तथा मालीपर कृपा३६६३४-पौण्ड्रक-वध तथा काशीदहन४०८
२०-कुब्जापर कृपा, धनुर्भंग, कुवलयापीड और चाणूरादि मल्लोंका नाश तथा कंस-वध३६८३५-साम्बका विवाह४११
२१-उग्रसेनका राज्याभिषेक तथा भगवान्‌का विद्याध्ययन३७६३६-द्विविद-वध४१४
२२-जरासन्धकी पराजय३७८३७-ऋषियोंका शाप, यदुवंशविनाश तथा भगवान्‌का स्वधाम सिधारना४१५
२३-द्वारका-दुर्गकी रचना, कालयवनका भस्म होना तथा मुचुकुन्दकृत भगवत्स्तुति३७९३८-यादवोंका अन्त्येष्टि-संस्कार, परीक्षित्‌का राज्याभिषेक तथा पाण्डवोंका स्वर्गारोहण४२१
२४-मुचुकुन्दका तपस्याके लिये प्रस्थान और बलरामजीकी ब्रजयात्रा३८३षष्ठ अंश
२५-बलभद्रजीका ब्रज-विहार तथा यमुनाकर्षण३८४१-कलिधर्मनिरूपण४२९
२६-रुक्मिणी-हरण३८६२-श्रीव्यासजीद्वारा कलियुग, शूद्र और स्त्रियोंका महत्त्व-वर्णन४३३
२७-प्रद्युम्न-हरण तथा शम्बर-वध३८७३-निमेषादि काल-मान तथा नैमित्तिक प्रलयका वर्णन४३६
२८-रुक्मीका वध३८९४-प्राकृत प्रलयका वर्णन४३९
२९-नरकासुरका वध३९१५-आध्यात्मिकादि त्रिविध तापोंका वर्णन, भगवान् तथा वासुदेव शब्दोंकी व्याख्या और भगवान्‌के पारमार्थिक स्वरूपका वर्णन४४२
३०-पारिजात-हरण३९४६-केशिध्वज और खाण्डिक्यकी कथा४४९
७-ब्रह्मयोगका निर्णय४५२
८-शिष्यपरम्परा, माहात्म्य और उपसंहार४६०

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