विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)

विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)
Vishnudharmottara Purana Hindi
महर्षि वेदव्यास (सम्पादक: डॉ. प्रियबाला शाह) द्वारा
स्रोत: Sri Vishnu Dharmottara Mahapuranam 1000p Classic Edition (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,001 पृष्ठ
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| अध्यायाः | विषयाः | पत्राङ्काः | पृष्ठाङ्काः | अध्यायाः | विषयाः | पत्राङ्काः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १७८ | रथनागाश्वपत्तीनां पादानाश्चित्य धनुर्वेदस्य चतुष्पादता, यन्त्रमुक्त-प्राणिमुक्तमुक्तसन्धारितामुक्तविशेषाल्लक्षणसम्पत्त्या युद्धम् | ....<br>.... | ३०३<br>३०४ | २<br>१ | तत्रापि गद्यपद्यादिभेदपूर्वकं शब्दशास्त्रामृतवरषम् | .... | |
| ३ | गायत्र्युष्णिगादिछन्दोवर्णनम् ... | .... | '' | ||||
| १७९ | समपदवैशाखमण्डलाढीलमत्याख्यातसपुटादिधनुर्वेदवर्णनम् | .... | '' | २ | ४ | स्वयंवरचाकीर्त्तिमंत्रराजिदिदतादानवगन्धर्वग्रहाक्षसकिन्नरनागवचः-कथनपुरस्सरमृग्यन्त्रादिनिवारणमन्त्रवर्णनम् | .... |
| १८० | बाणव्यापारे कृतहस्तादिशिक्षणाभ्यासवर्णनम् | .... | ३०५ | १ | ५ | सूत्रलक्षणतद्वातुर्विध्यवाक्यार्थवाक्यपदार्थपंचवावयवहर्षिधूसूत्रध्या-ख्यामृत्यादितिविधप्रमाणातलक्षणनिरुक्तभेदगणाहितादिवर्णनम् | .... |
| १८१ | धनुर्वेदे ऽयुधविधिवर्णनम् | .... | '' | २ | ६ | अधिकरणयोग-पदार्थ-हेत्वर्थादेश-निर्देशादितन्त्रयुक्तिकविवरणम् ... | .... |
| १८२ | खड्गप्रासाद्यराशूलतोमरगदापरशुमुद्गरलघुडवज्रपदिशकृपाणक्षेप-णीगदानियुद्धकर्माणि | .... | ३०६ | १ | ७ | प्राकृतभाषालक्षणम् .... | .... |
| १८३ | स्वलनीपर्याणास्तारणादिद्युताक्षानाञ्च रश्मिसंग्रहकोविद्कृपान्तगणना-दिद्युक्तसारथे रथहस्तादीनां वर्णनम् | .... | ३०६ | १ | ८ | देवादिषट्कश्रपर्यायवर्णनाध्यायः | .... |
| ९ | अभिधानकोशवर्णनम् | .... | |||||
| इति विष्णुधर्मोत्तरेद्वितीयखण्डः । | १० | मनुष्यादिपर्यायवर्णनम् | .... | ||||
| ११ | अभिधानकोशे कीत्यादिवेलिंगशब्दानिर्देशः | .... | |||||
| अथ तृतीयखण्डः । | १२ | राजादिपर्यान्दानिर्देशः | .... | ||||
| १ | चित्रसूत्रविधानदेवतार्चानिर्माणपूजनेन देवतासान्निध्यं ततश्चाभीष्टच-तुर्वर्गफलम् | .... | ३०८ | १ | १३ | जलादिपुंस्कशब्दाभिधानम् | .... |
| २ | प्रतिमास्वरूपनिश्चायकचित्रसूत्रतालोद्यनृत्यशास्त्रावनातत्त्वज्ञानं तस्य च गीतशास्त्राधीनत्वं, गीतस्य तु संस्कृतप्राकृतापभ्रष्टाष्टविधेोदाहृत्यं | .... | '' | १४ | अनुप्रासमयमकश्लेषाद्यलंकारकथनम् | .... | |
| १५ | शास्त्रेतिहासकाव्यमहाकाव्यानां लक्षणवर्णनम् | .... | |||||
| १६ | प्रहेलिका लक्षणभेदकथनम् | .... |