विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)

विष्णुधर्मोत्तर पुराण (तृतीय खण्ड - चित्रसूत्र, वास्तु, शिल्प व प्रतिमा लक्षण)
Vishnudharmottara Purana Hindi
महर्षि वेदव्यास (सम्पादक: डॉ. प्रियबाला शाह) द्वारा
स्रोत: Sri Vishnu Dharmottara Mahapuranam 1000p Classic Edition (उद्गम)
DevanagariHindipublished1,001 पृष्ठ
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| अध्यायाः | विषयाः | पत्राङ्काः | पृष्ठाङ्काः | अध्यायाः | विषयाः | पत्राङ्काः | पृष्ठाङ्काः |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| १६६ | चैत्रशुक्लसप्तम्यां मरुत्प्लावितव्रतम् .... | ३८६ | १ | १८२ | मार्गशुक्लद्वादश्यां धातादित्यादिद्वादशादित्यव्रतवर्णनम् .... | ३८९ | २ |
| १६७ | ” मरुद्धूतेऽग्नौ गोपतिपूजनम्, तत्र चाष्टदलकमलकर्णिकायां विभावसुं संस्थाप्यर्तुकारिकादिगन्धवैिर्धूपजनैर्विधानम् .... | ” | २ | १८३ | वैशाखत्रयोदश्यां कामदेवव्रतम्.... | ” | ” |
| १६८ | वसन्ताद्यृतुनुसारं सर्षपार्चनार्चादिदेववर्णनम् .... | ३८७ | १ | १८४ | फाल्गुनशुक्लत्रयोदशीतो दम्पत्यर्च्चनं शुक्लत्रयोदश्यां धनव्रतम् .... | ” | २ |
| १६९ | अष्टदलकमले भास्करस्य तदंगदेवांनाञ्च पूजनम् .... | ” | २ | १८५ | ज्येष्ठशुक्लपक्षत्रयोदश्यां वायुलोंकप्रदं वापिकव्रतम् .... | ” | ” |
| १७० | रक्तसप्तमीव्रतवर्णनप्रसंगेन सांगदेवभास्करपूजनम् .... | ” | ” | १८६ | पौषमासिककृष्णचतुर्दशीषु वत्सरपर्यन्तं विरुपाक्षव्रतस्य कृष्णचतुर्दशीभ्यां यमव्रतम् .... | ” | ” |
| १७१ | संवत्सरपर्यन्तमुक्तविधिना सप्तमीव्रतकरणेन सूर्यप्रसादात्सतवार्थाभिष्टिसिद्धिः | ३८८ | १ | १८७ | फाल्गुनशुक्लपक्षचतुर्दश्यां शिवव्रतम् .... | ” | ” |
| १७२ | ब्रह्मसूर्यदिग्निभपालपुरस्सरस्याम्यश्वसुपूजामाहात्म्यम् .... | ” | ” | १८८ | चैत्रशुक्लपक्षादारभ्य वर्षपर्यन्तं प्रतिपञ्चदशीषु श्राद्धपापिनुव्रतम् | ३९० | १ |
| १७३ | सोमाष्टमी महेश्वरव्रतपूजोपवासस्नानप्रदानिकरणफलम् .... | ” | ” | १८९ | चैत्रकृष्णपञ्चदशीतो वर्षपर्यन्तं वह्निहुतदहनवानादिक्स .... | ” | ” |
| १७४ | हिमवदादिपर्वतेशशैलानां भद्रादिनववर्षाणां नवम्यां पूजनम् .... | ” | २ | १९० | अमावास्यायां चन्द्रसूर्यव्रतवर्णनम् .... | ” | ” |
| १७५ | भद्रकालीव्रतपूजाविधानम् .... | ” | ” | १९१ | कार्त्तिकरात्रौस्थितिप्रतिमासं कृत्तिकागोहिण्यादिनक्षत्रयुतचन्द्रमःपूजनाद्विवर्णनम् .... | ” | ” |
| १७६ | दशम्यां क्रत्यादिवेधदेवव्रतवर्णनं समाहात्म्यम् .... | ” | ” | १९२ | कात्तिकपूर्णिमायां षोडशदले पद्मे कर्णिकायां चन्द्रस्य केसरेष्वष्टाविंशतिनक्षत्राणां पत्रेषु च तिथिनिदेवतानां सचन्द्रिकाणां पूजनविधिः | ” | २ |
| १७७ | ” अङ्गिरोव्रतवर्णनम् .... | ” | ” | १९३ | प्रौष्ठपदपूर्णिमायां वरुणव्रतवर्णनम् .... | ” | ” |
| १७८ | धर्मव्रतवर्णनम् .... | ” | ” | १९४ | आश्वयुक्पूर्णिमायां शक्रव्रतवर्णनम् .... | ” | ” |
| १७९ | मार्गशीर्षमासमारभ्याऽसंवत्सरमेकादश्यां रुद्रमहद्रुद्रव्रतवर्णनम् .... | ३८९ | १ | १९५ | आश्वयुक्पूर्णिमायां शक्रव्रतम् .... | ” | ” |
| १८० | मार्गकृष्णद्वादशीषु संवत्सरपर्यन्तं शुचिव्रतवर्णनम् .... | ” | ” | ||||
| १८१ | मार्गशीर्षद्वादश्यां वत्सरपर्यन्तं साध्यव्रतवर्णनम् .... | ” | ” |