भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( १५ ) इसके साथ ही साथ यह बात भी स्पष्ट है कि वे चिह्न मिट भले ही जाते हैं परन्तु अपना स्मृति-चिह्न अंकित करके ही जाते हैं और वे स्मृति-चिह्न बराबर कायम रहते हैं। अतः यह कहना कि कोई चिह्न हमेशा-हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है प्रामाणिक नहीं है। उन स्मृति-चिह्नों के माध्यम से हस्तरेखा विशेषज्ञ आने वाली घटनाओं का वर्णन कर लेता है। मैंने हस्तरेखा की प्रामाणिकता के लिए अनुभव जन्य परीक्षण किए। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि विशेष तथ्य के लिए एक विशेष चिह्न होता है, और उस विशेष चिह्न के माध्यम से उस व्यक्ति के व्यक्तित्व को समझा जा सकता है। जिस प्रकार जन्मकुण्डली को समझने के लिए और उसके माध्यम से सही भविष्य स्पष्ट करने के लिए इस बात का ज्ञान जिस ज्योतिषी को हो कि इस जन्मकुण्डली का मूल कौन-सा ग्रह है, जिसने इसके सारे व्यक्तित्व को प्रभावित कर रखा है। जब उस ग्रह की पकड़ आ जाती है या उस ग्रह को समझ लिया जाता है तब उस व्यक्ति का व्यक्तित्व पूरी तरह से हमारे सामने साकार हो जाता है। इसी प्रकार पूरे हाथ को देखने से पहले यह जानकारी प्राप्त कर लेनी ज्यादा उचित रहती है कि इस हाथ में वह कौन-सा चिह्न है जिसके माध्यम से इसके पूरे व्यक्तित्व को समझा जा सके। मैंने परीक्षण के लिए लगभग चार हजार हत्यारों के हाथ देखे और मैंने उन हत्यारों के भी हाथ देखे हैं जिन्होंने अपने ही हाथों से जीवन में किसी का खून किया है, या किसी व्यक्ति के प्राण लिए हैं। उन सभी हाथों में एक चिह्न समान था, वह यह कि हत्यारे का अंगूठा छोटा तथा अंगूठे का ऊपरी सिरा चपटा होता है। साथ ही साथ अंगूठे का नाखून छोटा और लगभग गोल सा होता है। यह चिह्न अपने आप में एक विशेष चिह्न है और इस परीक्षण के माध्यम से यह बात स्पष्ट हो गई कि जिस व्यक्ति का अंगूठा सामान्यतः उसकी अंगुलियों के अनुपात से छोटा तथा भारीपन लिये हुए होगा तथा जिसके अंगूठे का सिरा मोटा थुलथुला होने के साथ-साथ उस पर अंकित नाखून गोल-सा होगा वह व्यक्ति निश्चय ही अपने जीवन में हत्यारा होगा और किसी की हत्या करने के कारण जेल-जीवन व्यतीत करेगा । एक बार इससे संबंधित घटना भी स्पष्ट हो गई। एक मिल में काम करने वाला एक अपरिचित मजदूर एक दिन मेरे सामने आया और उसने अपना भविष्य जानने के लिए अपना हाथ मेरे सामने फैला दिया। उस पूरे हाथ में अंगूठा अपने आप में अलग सा ही था और ऊपर मैंने जो तथ्य अंकित किये हैं, वे सारे ही तथ्य उस अंगूठे में दिखाई दे रहे थे। मेरे दिमाग में सबसे पहले यही बात कौंधी कि यह व्यक्ति हत्यारा होना चाहिए, और इसके हाथ खून से रंगे होने चाहिए। अब यह प्रश्न उठता है कि वह हत्या किस उम्र में करेगा या उसका समय कौन-सा होगा। इसके लिए शनि पर्वत तथा शनि रेखा का आश्रय लेना पड़ेगा। जिस