भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( १७० ) १८. यदि हृदय रेखा पर क्रॉस हो तो वह हार्ट अटैक का मरीज होता है तथा बराबर कमजोर बना रहता है । १६. यदि मस्तिष्क रेखा पर क्रॉस का चिह्न हो तो वह जीवन-भर दिमाग सम्बन्धी बीमारियों से परेशान रहता है, तथा अन्त में पागल हो जाता है । २०. यदि जीवन रेखा पर क्रॉस का चिह्न हो तो आयु के उस भाग में वह मरण-तुल्य कष्ट उठाता है । २१. हाथ में छोटा या बड़ा, चौड़ा या पतला, किसी भी प्रकार का क्रास हानिकर ही माना गया है । ३. बिन्दु : हथेली में बिन्दुओं का प्रभाव भी महत्त्वपूर्ण देखा गया है । सफेद बिन्दु हमेशा उन्नतिकारक माने जाते हैं । हथेली में लाल रंग के बिन्दु व्यक्ति की बीमारियों के सूचक होते हैं । पीले रंग के बिन्दु शरीर में रक्त न्यूनता को बताते हैं । यदि हथेली में काले रंग के बिन्दु हों तो लक्ष्मीदायक माने गये हैं । यहां काले रंग के बिन्दुओं से तात्पर्य हथेली में पाये जाने वाले तिलों या तिल से है । आगे की पंक्तियों में इन काले बिन्दुओं या तिलों के बारे में विचार स्पष्ट कर रहा हूँ : १. यदि तिल हथेली में हो तथा मुट्ठी बन्द करने पर वह मुट्ठी में रहता हो तो ऐसे व्यक्ति के पास धन की कमी [चित्र: बिन्दु] नहीं रहती । २. यदि मुट्ठी में तिल न आता हो मुट्ठी के बाहर ही रहता हो तो ऐसे व्यक्ति के पास धन आता तो अवश्य है परन्तु वह टिक नहीं पाता ऐसा समझना चाहिए । ३. यदि काला तिल गुरु पर्वत पर हो तो उसके विवाह में बराबर बाधाएं आती हैं । समाज में प्रेम के क्षेत्र में उसे बदनामी उठानी पड़ती है । ऐसा व्यक्ति जीवन में पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं कर पाता । ४. यदि शनि क्षेत्र पर काला तिल हो तो प्रेम के क्षेत्र में वह बराबर बदनाम रहता है । गृहस्थ जीवन दुःखमय होता है तथा पति या पत्नी में से कोई एक आग में जलकर समाप्त होता है । ५. यदि सूर्य पर्वत पर काला तिल हो तो उस व्यक्ति की प्रतिष्ठा में बहुत बड़ा धक्का लगता है तथा वह समाज में निन्दनीय कार्य करने को बाध्य होता है ।