भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( १७१ ) ६. यदि बुध क्षेत्र पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति कुटिल तथा धोखेबाज होता है । ऐसे व्यक्ति को व्यापार में हानि उठानी पड़ती है । ७. यदि चन्द्र क्षेत्र पर काला तिल हो तो व्यक्ति का विवाह विलम्ब से होता है । जीवन में उसे एक से अधिक बार जलघात से भी पीड़ित होना पड़ता है । ८. यदि प्रजापति क्षेत्र पर तिल की उपस्थिति हो तो उसके शरीर का एक अंग शस्त्र से कट जाता है । ६. केतु क्षेत्र पर काला तिल व्यक्ति के बचपन को दुखमय बनाता है । १०. यदि शुक्र क्षेत्र पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति कामी होता है तथा जीवन भर उसके गुप्तांगों में रोग रहता है । ११. राहू क्षेत्र पर यदि काला तिल हो तो यौवनावस्था में उसे आर्थिक हानि उठानी पड़ती है । १२. जीवन रेखा पर यदि काला तिल हो तो व्यक्ति को लम्बे समय तक टी०बी० का मरीज रहना पड़ता है । १३. यदि मस्तिष्क रेखा पर काला तिल हो तो उसे सिर पर गम्भीर चोट लगती है तथा मस्तिष्क से सम्बन्धित रोग बराबर बने रहते हैं । १४. यदि हृदय रेखा पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति दुर्बल हृदय वाला होता है । १५. सूर्य रेखा पर काला तिल व्यक्ति की उन्नति में बराबर बाधाएं डालता है । १६. यदि हथेली में भाग्य रेखा पर काला तिल हो तो उसका जीवन दुर्भाग्य- पूर्ण ही रहता है । १७. स्वास्थ्य रेखा पर काला तिल जीवन-भर उसके स्वास्थ्य को कमजोर बनाये रखता है । १८. विवाह रेखा पर काले तिल की उपस्थिति विवाह में बाधाएं पैदा करती है । १९. यदि मंगल रेखा पर तिल हो तो ऐसा व्यक्ति कायर तथा कमजोर हृदय वाला होता है । २०. चन्द्र रेखा पर तिल मानव की उन्नति में बाधाएं देता है । २१. यदि यात्रा रेखा पर तिल हो तो यात्रा में ही उस व्यक्ति की मृत्यु होती है । २२. अनामिका उंगली पर तिल का चिह्न व्यापार में असफलता देता है । २३. यदि कनिष्ठिका उंगली पर काला तिल हो तो वह व्यक्ति व्यापार में हानि उठाता है तथा व्यापार का विस्तार नहीं कर पाता ।