भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( १७२ ) २४. मध्यमा उंगली पर यदि तिल हो तो उसके भाग्य में बराबर बाधाएं बनी रहती हैं तथा भाग्य उन्नति के लिए उसे बराबर भटकना पड़ता है । २५. यदि तर्जनी उंगली पर तिल का चिह्न हो तो नौकरी में पद त्याग करना पड़ता है । एवं बदनामी का सामना करना पड़ता है । ४. वृत्त : हथेली में जो छोटे-छोटे गोल घेरे पाये जातेहैं उसे वृत्त या सूर्य या कन्दुक कहते हैं । १. यदि हथेली में गुरु पर्वत पर वृत्त का चिह्न हो तो ऐसा व्यक्ति प्रभावशाली होता है तथा निश्चय ही अपने प्रयत्नों से उच्च पद प्राप्त करने में सफल रहता है । ऐसे व्यक्ति को ससुराल से भी विशेष धन प्राप्ति होती है । २. यदि शनि पर्वत पर वृत्त का चिह्न हो तो उस व्यक्ति को अनायास धन लाभ होता है तथा लॉटरी, जुए या सट्टे से विशेष धन प्राप्त करता है । ३. यदि सूर्य पर्वत पर वृत्त हो तो वह व्यक्ति उच्च [वृत्त] एवं सात्विक विचारों वाला होता है तथा विश्व में वह प्रसिद्ध होता है । ४. बुध पर्वत पर वृत्त का चिह्न व्यक्ति को व्यापार में भारी सफलता देता है । ऐसे व्यक्ति का जीवन विलासितापूर्ण होता है । ५. प्रजापति क्षेत्र पर वृत्त का चिन्ह मानव को कमजोर तथा आलसी बना देता है । ६. यदि चन्द्र पर्वत पर वृत्त का चिन्ह हो तो उसका स्वास्थ्य कमजोर रहता है तथा जल में डूबने से उसकी मृत्यु होती है । ७. यदि शुक्र पर्वत पर वृत्त का चिन्ह हो तो वह व्यक्ति भोगी तथा कामी होता है । कई बार ऐसे व्यक्ति नपुंसक भी होते देखे गये हैं । ८. मंगल क्षेत्र पर वृत्त की उपस्थिति व्यक्ति को कायर दिल वाला बना देती है । ६. यदि जीवन रेखा पर वृत्त का चिन्ह हो तो उसकी आंखें कमजोर होती हैं । १०. मस्तिष्क रेखा पर वृत्त मस्तिष्क सम्बन्धी रोगों को जन्म देता है । ११. हृदय रेखा पर वृत्त का चिन्ह होने से व्यक्ति हृदय रोग से पीड़ित रहता है ।