बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १७४ ) ११. भाग्य रेखा पर द्वीप का चिन्ह भाग्यहीनता की ओर संकेत करता है तथा उसे जीवन में जरूरत से ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है । १२. यदि यात्रा रेखा पर द्वीप का चिन्ह हो तो उस व्यक्ति की मृत्यु यात्रा में ही होती है । १३. चन्द्र पर्वत पर द्वीप का चिन्ह व्यक्ति के दिमाग को कुन्द बना देता है । १४. विवाह रेखा पर द्वीप का चिन्ह हो तो शीघ्र ही प्रिय की मृत्यु का आघात सहन करना पड़ता है । १५. स्वास्थ्य रेखा पर द्वीप का चिन्ह हो तो उसे जीवन में कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ता है । ६. वर्ग : चार भुजाओं से घिरे हुए स्थान या क्षेत्र को वर्ग कहते हैं । कुछ लोग इसको समकोण के नाम से भी पुकारते हैं । १. यदि गुरु पर्वत पर वर्ग का चिन्ह हो तो वह व्यक्ति जीवन में सफल प्रशासक होता है । उसका सम्मान तथा कीर्ति पूरे संसार में फैलती है। एक साधारण घराने में जन्म लेकर के भी अत्यन्त उच्च पद पर पहुंचता है । २. यदि शनि पर्वत पर वर्ग का चिन्ह हो तो ऐसा व्यक्ति बार-बार मृत्यु के मुंह से आश्चर्यजनक रूप से बच जाता है । ३. यदि सूर्य क्षेत्र पर वर्ग का चिन्ह हो तो वह धन, मान, यश, पद, प्रतिष्ठा की दृष्टि से अत्यन्त उच्च स्तरीय जीवन व्यतात करता है, और उसके कार्यों की प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैलती है । ४. यदि बुध पर्वत पर वर्ग हो तो वह जेल जाने से बच जाता है । ५. चन्द्र पर्वत पर वर्ग का चिन्ह उसकी कल्पना शक्ति को बढ़ाने में सहायक होता है । ऐसा व्यक्ति गम्भीर दयालु तथा विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य से कार्य करने वाला होता है । ६. यदि केतु पर्वत पर वर्ग हो तो ऐसे व्यक्ति का भाग्योदय शीघ्र ही होता है तथा उसका यौवनकाल अत्यन्त सुखमय व्यतीत होता है । ७. यदि शुक्र पर्वत पर वर्ग हो तो वह प्रेम के क्षेत्र में सावधानी बरतता है और जीवन में उसे बदनामी का सामना नहीं करना पड़ता । ८. यदि मंगल पर्वत पर वर्ग का चिन्ह हो तो वह अपने क्रोध को सीमित रखने में सफल होता है तथा उसे जीवन में बहुत ही कम क्रोध आता है ।