बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १७७ ) ३. यदि सूर्य पर्वत पर नक्षत्र हो तो ऐसे व्यक्ति के जीवन में पूर्ण धन लाभ होता है। भौतिक दृष्टि से उसके जीवन में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती । ४. शारीरिक तथा मानसिक दृष्टि से पूर्ण स्वस्थ रहता है । ५. यदि बुध पर्वत पर नक्षत्र का चिन्ह हो तो ऐसा व्यक्ति एक सफल व्यापारी तथा उच्च कोटि की योजना बनाने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति एक सफल कवि तथा साहित्यकार भी हो सकता है । ६. यदि केतु पर्वत पर नक्षत्र का चिन्ह हो तो उस व्यक्ति का बचपन अत्यन्त सुखमय बीतता है तथा जीवन में भौतिक दृष्टि से किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहती । ७. यदि शुक्र पर्वत पर नक्षत्र का चिन्ह हो तो ऐसा व्यक्ति भोगी होता है । पत्नी के अलावा अन्य स्त्रियों से भी सम्पर्क रहता है, तथा जीवन में उसकी पत्नी अत्यन्त सुन्दर तथा स्वस्थ रहती है। ८. मंगल पर्वत पर यदि नक्षत्र का चिन्ह हो तो ऐसा व्यक्ति धीरजवान तथा साहसी होता है। युद्ध में अतुलनीय साहस दिखाने से उसे देश व्यापी सम्मान मिलता है । ६. यदि राहू पर्वत पर चिन्ह हो तो हमेशा भाग्य साथ देता है तथा जीवन में पूर्ण यश तथा सम्मान प्राप्त करता है । १०. यात्रा रेखा पर नक्षत्र का चिन्ह इस बात का सूचक होता है कि उस व्यक्ति की मृत्यु घर से दूर तीर्थ स्थान पर होती है । ११. चन्द्र रेखा पर यदि तारे का चिन्ह हो तो वह पेट संबंधी रोगों से ग्रस्त रहता है तथा थोडे बहुत रूप में वह बराबर बीमार बना रहता है । १२. यदि मंगल रेखा पर नक्षत्र का चिन्ह हो तो उस व्यक्ति की हत्या होती है। १३. यदि विवाह रेखा पर नक्षत्र या तारे का चिन्ह हो तो उस व्यक्ति के विवाह में कई प्रकार की बाधाएं आती हैं तथा उसका गृहस्थ जीवन सुखमय नहीं कहा जा सकता । १४. यदि स्वास्थ्य रेखा पर नक्षत्र का चिन्ह हो तो व्यक्ति का स्वास्थ्य जीवन भर कमजोर बना रहता है। तथा उसकी मृत्यु अत्यन्त दुखदायी परिस्थितियों में होती है। १५. यदि सूर्य रेखा पर नक्षत्र का चिन्ह हो तो उस व्यक्ति को व्यापार में विशेष सफलता मिलती है तथा आकस्मिक धन प्राप्त के योग जीवन मे कई बार होते हैं।