बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
पृष्ठ 184, कुल 350 में से
संदर्भ में पढ़ें( १८३ ) अब इस कागज के एक कोने पर नाम, पता, जन्म तारीख, तथा हस्तचित्र लेने की तारीख लिख कर उस पर एक सफेद कागज रख दें जिससे कि बीच की रेखाएं मिट न जाएं। अब इस कागज को सावधानी के साथ मोड़कर आप हस्त रेखा विशेषज्ञ के पास भविष्यफल प्राप्त करने के लिये भेज सकते हैं। २. प्रेस की स्याही से चित्र लेना :—प्रेस में जहां पुस्तकों की छपाई होती है वहां एक बड़ा-सा रोलर लगा होता है, जिस पर स्याही लगी होती है। जब पुस्तकों की छपाई पूरी हो जाती है तो स्याही गहरी न होकर थोड़ी सी हल्की पड़ जाती है। हमें इस हल्की स्याही का ही प्रयोग करना चाहिए। सबसे पहले एक मेज पर सफेद कागज बिछा लें जिसके बीच में कागज के नीचे की ओर छोटा सा रूमाल समेट कर रख लें। अब आप अपना दाहिना हाथ रोलर पर लगा लें और देख लें कि आपकी पूरी हथेली में स्याही लगी है अथवा नहीं। जब पूरी हथेली पर स्याही लग जाए तो उस स्याही लगे हाथ को सावधानी के साथ उस कागज पर रखकर दबा लें। इसमें भी यह सावधानी बरतें कि अपनी हथेली का मध्य भाग उस रूमाल पर टिके जिससे कि आपके पूरे हाथ का चित्र स्पष्ट रूप से आ सके। जब हाथ जम जाए तब आप हाथों के जोड़ों पर दूसरे हाथ से थोड़ा-थोड़ा दबाव दे दें जिससे कि कोई भी स्थान खाली न रहे। इसके बाद बिना हाथ को हिलाए ऊपर की ओर उठा लें। इस प्रकार आप देखेंगे कि आपके हाथ की रेखाएं भली प्रकार से कागज पर उतर आई हैं। इसी प्रकार आप बायें हाथ का चित्र भी कागज पर उतार लें और कागज पर उतरी स्याही को हवा में दो मिनट सूखने दें। जब सूख जाय तब उस पर नाम, पता व जन्म की तारीख लिखकर हस्तरेखा विशेषज्ञ के पास भविष्यफल जानने के लिये भेज सकते हैं। मेरी राय में प्रत्येक व्यक्ति को तीन-तीन हस्तरेखा चित्र भेजने चाहिए जिससे कि यदि किसी चित्र में कोई कमी रह गई हो तो दूसरे चित्र को देखकर उसके बारे में जाना जा सके। ३. इंक पैड से हस्तचित्र उतारना :—मुहर लगाने के लिये प्रत्येक घर में इंक पैड आसानी से प्राप्त हो सकते हैं। इक पैड के माध्यम से भी हस्तचित्र भली प्रकार से उतारा जा सकता है। इंक पैड से हस्तचित्र उतारने की विधि भी वही है जो कि ऊपर प्रेस की स्याही से हस्त चित्र उतारने की विधि मे स्पष्ट किया है। ४. फोटो द्वारा चित्र लेना:—यह विधि ज्यादा सही एवं प्रामाणिक मानी जा सकती है। इसके लिये कुशल फोटोग्राफर का चुनाव करना चाहिए और यह ध्यान