भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( १८४ ) रखना चाहिए कि लाइट व्यवस्था इतनी तेज न हो कि छोटी और हल्की रेखाएं उस चकाचौंध में छिप जायें और न लाइट व्यवस्था इतनी हल्की हो कि सूक्ष्म रेखाएं स्पष्ट ही न हो सके। फोटो खिंचवाने से पहले फोटोग्राफर को यह बात अच्छी तरह से समझा देनी चाहिए। साथ ही पूरी हथेली तथा मणिबन्ध तक का फोटो आना चाहिए और फोटो में हाथों की उंगलियां थोड़ी-सी खुली हुई होनी चाहिए अर्थात् एक दूसरे से चिपकी हुई होना ठीक नहीं। फोटो का कागज उत्तम कोटि का होना चाहिए तथा दोनों ही हाथों का एक चित्र या अलग-अलग लिया जा सकता है। मेरी राय में पोस्टकार्ड साइज से छोटा चित्र उपयुक्त नहीं माना जा सकता। ऊपर लिखी चारों पद्धतियों में से कोई भी पद्धति अपना कर व्यक्ति अपने हाथ की रेखाओं का चित्र भविष्यवक्ता के पास भेज कर अपना भविष्यफल सही-सही रूप में ज्ञात कर सकता है।