भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 19, कुल 350 में से

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( १८ ) २. छोटा हाथ :—एक प्रकार से ऐसे व्यक्तियों को आलसी कहा जाता है । यद्यपि ये व्यक्ति बढ़-चढ़ कर कल्पनाएं करते हैं और अपनी कल्पना के बल पर सब कुछ करने के लिए तैयार हो जाते हैं परन्तु इनके जीवन में आलस्य जरूरत से ज्यादा होता है, जिसकी वजह से ये अपनी किसी भी योजना को सही रूप से कार्यान्वित नहीं कर सकते । इनको बढ़-चढ़कर बातें करना, डींगें हांकना, अपने चारों ओर आडम्बरपूर्ण वातावरण बनाये रखना इनको प्रिय लगता है, और ये कार्य भी इस प्रकार से करते हैं जिससे चारों ओर इनके भ्रम की सृष्टि अथवा सन्देह का वातावरण बना रह सके । यद्यपि यह बात सही है कि ये तीव्र मस्तिष्क वाले होते हैं परन्तु अवसर का सदुपयोग करना ये नहीं जानते । जब समय बीत जाता है तब ये पछताते रहते हैं । ऐसे व्यक्ति योग्य एवं समर्थ होते हुए भी अपने जीवन में पूर्ण सफल नहीं हो पाते । ३. सामान्य हाथ :—ऐसे व्यक्ति व्यावहारिक बुद्धि से सम्पन्न होते हैं । इनको इस बात का एहसास रहता है कि किससे कब क्या बात की जाए और किसके साथ किस प्रकार से व्यवहार किया जाए । ये सारी बातें इनके दिमाग में होती हैं इस लिए इनको व्यवहार-कुशल कहा जाता है । समाज में ये सम्मान प्राप्त करते हैं तथा किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व उसके बारे में काफी समय तक सोचते-विचारते रहते हैं । इनके जीवन में बराबर संघर्ष बना रहता है और संघर्ष के बल पर ही ये व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं तथा सुविधाओं को जुटा पाते हैं । सामान्यतः इनका स्वास्थ्य ठीक रहता है और सबसे बड़ी बात इनमें यह पाई जाती है कि ये परिस्थितियों के अनुसार अपने आपको ढाल लेने की क्षमता रखते हैं । ४. लम्बा हाथ :—ऐसे व्यक्ति समाज के लिए सामान्यतः उपयोगी होते हैं । इनको जीवन में एक रस देखा जा सकता है । ये न तो बहुत अधिक प्रसन्न रहते हैं और न चिन्तायुक्त । जीवन में ये अत्यधिक व्यवहार-कुशल, होशियार तथा मेधावी होते हैं । इनके सामने किसी भी प्रकार की कोई भी बात हो, उस बात की तह तक ये बहुत जल्दी पहुंच जाते हैं और उस कार्य के बारे में अथवा उस कार्य के परिणाम के बारे में ये जो धारणा बनाते हैं, वह धारणा आगे चलकर पूर्णतः सही होती है । अपरिचित से अपरिचित व्यक्ति को देखकर उसके बारे में, उसके चरित्र के बारे में, उसकी कार्यकुशलता के बारे में ये व्यक्ति जो धारणा बनाते हैं, वह आगे चलकर पूर्णतः सही होती है । ऐसे व्यक्ति समाज के लिए ज्यादा उपयोगी कहे जा सकते हैं । ५. अत्यन्त लम्बा हाथ :—समाज की दृष्टि से इन व्यक्तियों का कोई विशेष उपयोग नहीं होता । ऐसे व्यक्ति जरूरत से ज्यादा भावुक तथा कल्पना की दुनिया में ही जीवित रहने वाले होते हैं । जब जीवन का संघर्ष इनके सामने उपस्थित होता है तो ये विचलित हो जाते हैं और उन परिस्थितियों को झेलने की तथा उन संघर्षों का

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