भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( २२५ ) तथा परोपकारी होते हैं। इनके जीवन में शुक्र से सम्बन्धित किसी प्रकार की कोई न्यूनता नहीं रहती । हंस योग : परिभाषा : यदि हथेली में तर्जनी उंगली अनामिका से लम्बी हो, गुरु पर्वत पूर्णतः विकसित तथा लालिमा लिए हुए हो उस पर क्रॉस के चिन्ह के अलावा और अन्य कोई चिन्ह न हो तो उसके जीवन में हंस योग का निर्माण होता है । फल : जिस व्यक्ति के हाथ में हंस योग होता है वह व्यक्ति लम्बे तथा आकर्षक डीलडौल का स्वस्थ सुन्दर पुरुष होता है । उसका व्यक्तित्व हर समय खिला हुआ रहता है । हंसमुख चेहरा उन्नत ललाट, तीखी नासिका, विशाल वक्षस्थल तथा सुन्दर व्यक्तित्व वाला ऐसा व्यक्ति दूरदर्शी होने के साथ-साथ मित्रों परिचितों एवं संबन्धियों का सहायक होता है । यह सभी के साथ श्रेष्ठ व्यवहार करता है तथा समाज में सम्माननीय स्थान प्राप्त करने में सफल होता है । नौकरी के क्षेत्र में यह व्यक्ति अत्यन्त उच्च पद को प्राप्त करके ही रहते हैं । टिप्पणी : यह योग गुरु की वजह से बनता है तथा यह पंचमहापुरुष योग में से एक योग है ऐसे व्यक्ति सफल न्यायाधीश होते हैं तथा निष्पक्ष निर्णय देने की वजह से समाज में उनका सम्मान रहता है । ऐसे व्यक्ति प्रलोभन या दबाव में आकर किसी प्रकार का कोई गलत समझौता अपने जीवन में नहीं करते । इसके साथ ही साथ ऐसे व्यक्ति अत्यन्त आकर्षक होते हैं तथा उनके व्यक्तित्व में कुछ ऐसी विशेषता होती है जिससे इनके परिचितों की संख्या जरूरत से ज्यादा रहती है । इनका बुढ़ापा अत्यन्त सुखदायक होता है । रुचक योग : परिभाषा : यदि हथेली में मंगल पर्वत पूर्णतः विकसित स्पष्ट तथा लालिमा लिए हुए हो साथ ही मंगल रेखा सीधी पतली तथा सुन्दर हो तो उस व्यक्ति के हाथ मे रुचक योग होता है । फल : इस योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति शारीरिक दृष्टि से बलवान तथा पुष्ट होता है । यह अपने कार्यों से समाज और देश का नाम रोशन करता है तथा समय पड़ने पर यह देश का नेतृत्व करने की भी क्षमता रखता है। इसका जीवन राजा के समान ही व्यतीत होता है । अपने देश के प्रति देश की संस्कृति और कला के प्रति यह हरदम जागरूक रहता है तथा अपने देश ४