भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( २२६ ) की प्रतिष्ठा को ऊंचा उठाने में बराबर सहायक बना रहता है । ऐसे व्यक्ति का जीवन तथा चरित्र उच्चकोटि का होता है और किसी के दबाव में आकर कोई कार्य नहीं करता । आर्थिक दृष्टि से इस व्यक्ति के जीवन में कोई कमी नहीं रहती । ऐसा व्यक्ति दीर्घायु प्राप्त करता है तथा सेना, मिलिट्री या पुलिस विभाग में अत्यन्त ऊंचे पद पर पहुंचता है तथा अपनी योग्यता सूझबूझ तथा नेतृत्व करने की क्षमता के कारण सम्मानित होता है । टिप्पणी : सामुद्रिक शास्त्र में इस योग को भी पंचमहापुरुष योग में से एक माना है । ऐसे व्यक्ति देश और विदेश में सम्मानित होते हैं तथा पूर्ण लाभ प्राप्त करते हैं । भद्र योग : परिभाषा : यदि हथेली में बुध पर्वत पूर्णतः विकसित हो तथा बुध रेखा सीधी पतली, गहरी तथा लालिमा युक्त हो तो उसके हाथ में भद्र योग होता है । फल : भद्र योग में जन्म लेने वाला व्यक्ति साहसी निर्भीक तथा पराक्रमी होता है । इसके सामने शत्रु टिकते ही नहीं हैं और एक हिसाब से यह प्रबल शत्रुहन्ता होता है । शत्रुओं को भी मित्र बनाने की कला इस व्यक्ति को अच्छी तरह से आती है । इसका व्यक्तित्व अपने आप में प्रभाव पूर्ण होता है तथा यह निरन्तर ऊंचा उठने की भावना रखता है इसके संपर्क में जो भी आता है उसकी सहायता करने को यह हर समय तैयार रहता है । इस व्यक्ति का मस्तिष्क अत्यन्त पैना और उर्वर होता है जिसकी वजह से यह पेचीदा से पेचीदा कार्य भी सुगमता से कर लेता है । जो कार्य दूसरो को अत्यन्त जटिल और असंभव लगते हैं उस कार्य को भी ये आसानी से सम्पन्न कर लेते हैं । यद्यपि ये व्यक्ति जीवन में धीरे २ प्रगति करते हैं परन्तु अन्त में ये सर्वोच्च पद पर ही विश्राम लेते हैं । व्यापार की दृष्टि से इनके हाथ में प्रबल योग होता है तथा अपने प्रयत्नों से यह अपने व्यापार को विदेशों में भी फैलाने में समर्थ होता है । टिप्पणी - यह योग मुख्यतः बुध पर्वत की वजह से बनता है । बुध व्यापार एवं बुद्धि का कारक ग्रह माना गया है । अतः यह बात निश्चित है कि ऐसा व्यक्ति प्रखर बुद्धि का स्वामी होता है तथा व्यापार के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त करता है । ऐसे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होते और बाधाओं के बीच भी अपना पथ चुन लेते हैं । तुरन्त निर्णय करने की क्षमता इनमें विशेष रूप में होती है ।