बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
DevanagariHindipublished350 पृष्ठ
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( २२ ) कार्यों से सम्पन्न होते हैं । जीवन में इनको धन का अभाव-सा खलता है परन्तु फिर भी सम्मान की दृष्टि से ये बहुत ऊँचे उठे हुए होते हैं । ५. कलात्मक हाथ : इस प्रकार का हाथ नरम, लचकदार तथा मुलायम होता है । इसका रंग गुलाबी-सी आभा लिये हुए होता है तथा देखने में ये हाथ अत्यन्त सुन्दर होते हैं । हड्डियों के सभी जोड़ समान अनुपात के होते हैं तथा इन हाथों की पहचान इनकी उंगलियों से भली प्रकार से की जा सकती है। इनकी उंगलियां पतली, लम्बी, कलात्मक एवं सुघड़ होती हैं । कलात्मक हाथ ऐसे व्यक्ति स्वभावतः कला प्रेमी एवं सौन्दर्यजीवी होते हैं । इनके हृदय में कला के प्रति एक जिज्ञासा बराबर बनी रहती है तथा ये निरंतर कला के बारे में सोचते