बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २८२ ) दामिनी योग : परिभाषा : यदि मध्यमा और अनामिका उंगली के बीच तिल का चिह्न हो दामिनी योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह व्यक्ति उच्च चरित्रवान, दूसरों का सहायक तथा बुद्धिमान व्यक्ति होता था । दामिनी मुकुट योग : परिभाषा : यदि दाहिने हाथ में मंगल पर्वत विकसित हो तथा वहां से एक रेखा सूर्य पर्वत की ओर जाती हो और उस पर स्वस्तिक का चिह्न हो तो मुकुट योग होता है । फल : जिसके हाथ में मुकुट योग होता है वह व्यक्ति अपने जीवन में श्रेष्ठ खिलाड़ी होता है । जीवन में खिलाड़ी के रूप में ही उसे मान्यता मिलती है तथा वह समाज में प्रसिद्ध होता है । ऐसे व्यक्ति में वैर की भावना अत्यन्त प्रबल होती है । ऐसा जातक शिकारी और अपने लक्ष्य को सही रूप में पहिचानने वाला होता है । मुकुट ऋण योग : परिभाषा : यदि हथेली में शनि रेखा के दाहिनी ओर काले रंग का तिल हो तो ऋण योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह थोड़े बहुत रूप में जीवन भर ऋणी बना रहता है तथा उसके जीवन में आय की अपेक्षा व्यय हमेशा बढ़ा-चढ़ा रहता है । ऋण योग