बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
DevanagariHindipublished350 पृष्ठ
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'मिश्रित' हाथ
ऊपर मैंने हाथ के सात प्रकारों का विवरण स्पष्ट किया है। हाथ का अध्ययन करने से पूर्व हस्तरेखा विशेषज्ञ के लिए यह बहुत अधिक आवश्यक होता है कि वह सबसे पहले इस बात का अध्ययन कर ले कि सामने वाले व्यक्ति का हाथ किस वर्ग का है और उस वर्ग का हाथ होने से उसमें क्या-क्या विशेषताएं या कमियां हैं, उसको ध्यान में रखकर यदि हम उसके हाथ में पाई जाने वाली अन्य रेखाओं का अध्ययन करेंगे तो निश्चय ही हम सफलता के अत्यधिक निकट होंगे और हमारा भविष्य-कथन एक प्रकार से विज्ञान सम्मत पद्धति पर आधारित होगा ।