भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 298, कुल 350 में से

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( २६७ ) त्रिलोचन योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी नरमुण्ड का चिह्न दिखाई दे तो त्रिलोचन योग माना जाता है । फल : जिसके हाथ में त्रिलोचन योग होता है वह व्यक्ति दीर्घायु तथा समाज में पूर्ण सम्मानित व्यक्ति होता है । ऐसा व्यक्ति शत्रुओं का प्रबल संहारक होता है । राज- नीति में यह व्यक्ति चतुर होता है तथा अपनी योग्यता एवं चतुराई के बल पर मन्त्री स्तर तक पहुँचने में सक्षम होता है । त्रिलोचन योग

चन्द्र योग : परिभाषा : जिसके हाथ में कहीं पर भी चन्द्रमा का चिह्न दिखाई दे तो वह चन्द्र योग होता है । फल : जिसके हाथ में चन्द्र योग होता है वह व्यक्ति नेता या नेता के समान होता है । जीवन में वह पूर्ण सुखों का भोग करता है । आर्थिक दृष्टि से कोई न्यूनता नहीं रहती । वह व्यक्ति साहसी, चतुर तथा प्रत्येक कार्य में दक्ष होता है । चन्द्र योग

चक्र योग : परिभाषा : यदि शनि पर्वत पर चक्र का चिह्न दिखाई दे तो वहां चक्र योग समझना चाहिए । फल : जिस व्यक्ति के हाथ में चक्र योग होता है वह उच्च अधिकारी, धन सम्पत्ति का मालिक एवं निष्पक्ष न्याय करने वाला सम्माननीय व्यक्ति होता है । चक्र योग

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