बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ३०७ ) १० मकर अंग्रेजी के वी पी के समान इसका चिह्न होता है । यह ठोडी के पास मिलता है । ११. कुम्भ टेढ़ी दो रेखाओं वाला चिह्न कुम्भ का माना गया है । इसका स्थान बाईं भौं होता है । १२. मीन ३६ के अंक के समान इसका चिह्न होता है । शरीर के बायें भाल पर यह चिह्न मिलता है । ललाट पर ग्रहों के चिन्ह तथा स्थान : १ सूर्य इसका चिह्न मध्य बिन्दु युक्त वृत्त का चिह्न होता है । इसका स्थान दाहिने नेत्र में रहता है । २. चन्द्र धनुष के आकार का इसका चिह्न होता है । बायें नेत्र में इसका निवास होता है । ३. मंगल तीन शाखाओं वाला मंगल का चिह्न सिर के ऊपरी भाग पर दिखाई देता है । ४ बुध एक खड़ी रेखा पर तिरछी रेखा जैसा चिह्न बुध का होता है । यह मुंह पर वास करता है । ५ गुरु दो के समान चिह्न गुरु का होता है। इसका निवास दाहिने कान पर होता है । ६. शुक्र धन के चिह्न के चारों ओर गोलाकार हो ऐसा चिह्न शुक्र का होता है । इसका निवास नासिका पर होता है । ७. शनि ईकार के समान इसका चिह्न होता है । इसका निवास बायें कान पर रहता है ।