भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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इनके जीवन में किसी कार्य का व्यवस्थित रूप नहीं होता। एक बार में ये एक से अधिक कार्य अपने हाथ में ले लेते हैं और उनमें से कोई भी कार्य भली प्रकार से पूर्ण नहीं होता, जिसकी वजह से इनके मन में निराशा भी घर कर लेती है। सामान्यतः ऐसे व्यक्ति जीवन में असफल ही होते हैं । ४. समचौरस हथेली : जिन व्यक्तियों की हथेली समचौरस होती है अर्थात् हथेली की लम्बाई और चौड़ाई बराबर होती है, वे व्यक्ति स्वस्थ, सबल, शान्त और दृढ़ निश्चयी होते हैं। ऐसे व्यक्ति पूरी तरह से पुरुषार्थी कहे जाते हैं। जीवन में ये जो भी बनते हैं या जो भी उन्नति करते हैं वह अपने प्रयत्नों के माध्यम से ही करते हैं। इनके स्वभाव में दृढ़ निश्चय होता है। किसी कार्य को ये तब तक प्रारम्भ नहीं करते जब तक कि इन्हें उस कार्य की सफलता में पूरा-पूरा भरोसा नहीं होता। परन्तु जब ये किसी एक कार्य को प्रारम्भ कर लेते हैं तो अपनी सारी शक्ति उसके पीछे लगा देते हैं और जब तक वह कार्य भली प्रकार से सम्पन्न नहीं हो जाता, तब तक ये विश्राम नहीं लेते। इनके जीवन की सफलता का यही मूल रहस्य है। ५. हाथ के प्रकार : हाथ के प्रकार का भी भविष्य-कथन के लिए बहुत अधिक महत्त्व है। हाथ देखने वाले को चाहिए कि वह जिस समय सामने वाले व्यक्ति के हाथ का स्पर्श करे, उसी समय यह भी जान ले कि उसका हाथ किस प्रकृति का है। मैं इससे सम्बन्धित तथ्य नीचे स्पष्ट कर रहा हूँ :— नरम हाथ : जिन व्यक्तियों के इस प्रकार के हाथ होते हैं, वे सामान्यतः कल्पनाशील व्यक्ति होते हैं। इनके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की लचक एवं कोमलता होती है और उसी के अनुसार इनका जीवन भी होता है। किसी भी व्यक्ति की सहायता करने के लिए ये हर समय तैयार रहते हैं। अधिकतर ऐसे हाथ स्त्रियों के होते हैं। यदि किसी पुरुष का भी ऐसा हाथ अनुभव हो जाए तो यह समझ लेना चाहिए कि इस व्यक्ति में स्त्री सम्बन्धी गुण विशेष हैं। ढीला-ढाला नरम हाथ : यदि किसी व्यक्ति का हाथ नरम हो परन्तु वह बड़ा ही ढीला-ढाला हो तो ऐसे व्यक्ति आलसी, निकम्मे तथा अत्यन्त स्वार्थी होते हैं। अधिकतर ऐसे व्यक्तियों में दया नाम की कोई चीज़ नहीं होती। अपराधी वर्ग के हाथ अधिकतर ऐसे ही होते हैं। बुरे तथा समाज विरोधी कार्यों में ऐसे व्यक्ति सर्वदा अग्रणी रहते हैं। ऐसे व्यक्ति हृदयहीन, धोखा देने वाले तथा कपटपूर्ण व्यवहार करने वाले होते हैं। सख्त हाथ : ऐसे व्यक्तियों का जीवन रूखा और कठोर-सा होता है। प्रेम के क्षेत्र में भी कठोर बने रहते हैं और प्रेम के मामले को भी ये युद्ध के मामले की तरह समझते हैं। यदि बहुत अधिक सख्त हाथ हो तो ऐसे व्यक्ति सामान्य मजदूर होते हैं। ऐसे व्यक्ति अपने कार्य को सबसे अधिक महत्त्व देने वाले होते हैं तथा बाधाओं