बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ३३६ ) परन्तु ३२ वें वर्ष से आपकी यह स्थिति सुधरनी चाहिए। इस समय तक पति समाज में अपना स्थान बना चुके होंगे और वे इस योग्य हो गये होंगे कि आपको मानसिक शांति दे सकें, आपको आराम दे सकें, आपको स्नेह और सहयोग दे सकें । मस्तिष्क रेखा नीचे की तरफ झुकी हुई है और बीच में आकर बिल्कुल कट गई है । इसके साथ ही मुझे एक बिन्दु भी दृष्टिगोचर हो रहा है । यह बिन्दु उसी स्थान पर है जहां पर यह मानसिक रेखा कटी है। यह समय आपके जीवन का लग- भग ३८ वां वर्ष आता है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जीवन के ३८ वे वर्ष में एक बार फिर आपको बहुत अधिक मानसिक सदमा पहुंचा होगा । एक प्रकार से देखा जाय तो आपके चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा छा गया होगा और आप मानसिक रूप से बिल्कुल टूट गई होंगी । ऐसा ज्ञात होता है कि जीवन के ३२वें साल से लगाकर ३८वे साल तक आपका जीवन मानसिक दृष्टि से सामान्यतः अनुकूल रहा होगा परन्तु यह घटना आपके पूरे जीवन को झकझोर गई होगी । जहां पर यह रेखा कटी है वहीं पर सूर्य रेखा से एक सहायक रेखा निकल कर मिली है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह मानसिक झंझावात पुत्र की तरफ से रहा होगा और इसमें कोई दो राय नहीं कि इस उम्र में आकर आपको अपने सबसे बड़े पुत्र का वियोग सहना पड़ा होगा और यह घटना इस प्रकार से घटित हुई होगी कि आपका पूरा जीवन अस्त-व्यस्त सा हो गया होगा। निश्चय ही यह घटना आपके सबसे बड़े पुत्र की मृत्यु का संकेत करती है । सामने बैठी युवती की आंखें डबडबा आईं, उसने अपना हाथ खींच लिया । दो क्षण तक वह मौन रही और उसने पुनः अपना हाथ सामने फैला दिया । पंडित जो ने हाथ की रेखाओं का अध्ययन चालू रखते हुए कहा - अब आगे के जीवन में ऐसी कोई दुर्घटना आपके जीवन में नहीं है जिससे मानसिक दृष्टि स आप परेशान हों। यद्यपि यह बात सही है कि आपका चन्द्र पर्वत अपने आप मे कमजोर और दबा हुआ है जिसकी वजह से निरन्तर मानसिक परेशानिया रहती है और आपके जीवन में कोई न कोई ऐसी घटना बराबर घटित होती रहती है जिसमे आपका मानसिक द्वन्द्व बना रहे । मेरी राय में आपके लिए यह ज्यादा अनुकूल एवं उचित रहेगा कि आप चांदी की अंगूठी में मोती धारण करें और आगे के जीवन में बराबर पहने रहें । यह मोती आपकी मानसिक समस्याओं तथा परेशानियों को कम करने में बहुत अधिक सहायक रहेगा । महिला ने स्वीकृति में गर्दन हिलाई और पूछा कि किस प्रकार का मोती पहनना मेरे लिए ज्यादा उचित रहेगा । पंडित जी ने उत्तर दिया- आपको श्रेष्ठ स्तर का बसरे की खाड़ी का मोती पुष्य नक्षत्र में धारण करना चाहिए । यह मोती चांदी की अंगूठी में हो और यदि आप दाहिने हाथ की कनिष्ठिका उंगली में पहनें तो ज्यादा उचित एवं अनुकूल रहेगा।