बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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ही किसी प्रकार का यश मिला होगा । यद्यपि यह बात सही है कि आप अपने जीवन में बराबर ससुराल पक्ष से सम्बन्धित लोगों की सेवा करेंगी, समय-समय पर उनको सहायता भी देंगी, उनके साथ अनुकूल एवं मधुर व्यवहार रखेंगी । परन्तु समय पड़ने पर न तो उनकी ओर से आपको कोई सहयोग मिलेगा और न उनकी तरफ से यश ही मिलेगा। यद्यपि आपके हाथ के देखने से ऐसा ज्ञात होता है कि आपको विवाह के बाद ससुर का सुख तो मात्र १४ वर्ष तक ही मिला होगा परन्तु सासू दीर्घायु होगी । परन्तु इसमें कोई दो राय नहीं कि सास और ससुर की तरफ से आपको बाधाएं परे- शानियां, अड़चनें तथा कठिनाइयां व मानसिक यंत्रणाएं मिली होंगी । आपने जितना ही ज्यादा उनको सुख और सहयोग देने का प्रयत्न किया होगा, उतना ही ज्यादा उनकी तरफ से कष्ट और मानसिक परेशानियां मिली होंगी । यही तथ्य आपके जीवन में देवर, ननद सास, भाई, माता और पिता के साथ भी लागू होता है । मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि आप यथा संभव इन सबकी सहायता करेंगी, परन्तु इनकी तरफ से आपको न तो किसी प्रकार का कोई यश और सम्मान मिला है और न आगे के जीवन मे मिलने की उम्मीद ही है । इतना होने पर भी आप उनकी बराबर मदद करती रहेंगी और जीवन के अन्तिम क्षण तक आप उन्हें सुख और सहयोग देती रहेंगी । आपने अपने हाथ में एक बात नोट की होगी कि आपके हाथ में गुरु पर्वत से एक रेखा आकर सूर्य रेखा से मिलती है । अतः आपको जो भी सम्मान और सहयोग मिलेगा, वह आपके पति की तरफ से मिलेगा । जीवन भर आपको पति का स्नेह और सहयोग मिलता रहेगा, और इसी तथ्य की वजह से आपकी मानसिक परेशानियां कुछ कम रहेंगी । जहां तक बुध पर्वत का प्रश्न है वह सामान्यतः ठीक है । परन्तु एक तो वह हथेली के बाहर की ओर कुछ बढ़ गया है; दूसरे बुध रेखा कनिष्ठिका उंगली की तरफ ऊपर बढ़ गई है । इसमे यह स्पष्ट है कि आप सूक्ष्मदर्शी तथा समझदार महिला होंगी । यह बात भी सही है कि आप अनजान से अनजान आदमी या महिला को देखते ही मन में समझ जाती हैं कि यह प्राणी किस प्रकार के चरित्र का है, किस स्तर का है तथा आगे चलकर यह प्राणी लाभदायक रहेगा या धोखा देगा ? ये सारी बातें आपके दिमाग में एक ही क्षण में स्पष्ट हो जाती हैं और आपने यह अनुभव किया होगा कि आने वाले समय में आप उसके बारे में जो अनुमान लगाती हैं वह बिल्कुल सत्य सिद्ध होता होगा । इसके साथ ही साथ यह बुध पर्वत इस बात को भी सूचित करता है कि प्रभु की तरफ से आपमें यह विशेष गुण प्राप्त होगा कि कई बार आप आने वाली घट- नाओं को पहले से ही जान जाती हैं और उसके साथ ही साथ आपने यह भी अनु-