बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
DevanagariHindipublished350 पृष्ठ
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( ३८ ) विभिन्न प्रकार के अग्रभागों वाली उंगलियां उंगली में कोई गांठ न हों तो ऐसे व्यक्ति आदर्शजीवी होते हैं। इनके विचार शुद्ध एवं पवित्र होते हैं तथा ये व्यक्ति अपने जीवन में समाज को कुछ नया देने की सामर्थ्य रखते हैं। ऐसे व्यक्ति ही समाज के भूषण कहे जाते हैं। ५. अंगूठे में केवल एक ही गांठ होती है क्योंकि अंगूठे में मात्र दो भाग ही देखे जा सकते हैं। यदि अंगूठे में गांठ दिखाई दे तो ऐसे व्यक्ति कमजोर दिल वाले