भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( ४८ ) ऊपर से चपटी हो तो ऐसे व्यक्ति कला के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त करते हैं तथा कला के माध्यम से उच्चस्तरीय सम्मान, ख्याति एवं प्रशंसा प्राप्त करते हैं। यदि मध्यमा उंगली का पहला पर्व लम्बा हो तो व्यक्ति आत्महत्या करता है। यदि दूसरा पर्व अपेक्षाकृत लम्बा हो तो ऐसा व्यक्ति व्यापारिक क्षेत्रों में विशेष कर मशी- नेरी सम्बन्धी कार्यों में विशेष लाभ उठाता है। यदि तीसरा पर्व ज्यादा लम्बा हो तो ऐसा व्यक्ति जरूरत से ज्यादा कंजूस होता है तथा समाज में अपयश का भागी होता है। यदि मध्यमा उंगली का ऊपरी सिरा तर्जनी की ओर झुका हुआ हो तो उसमें जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास होता है और इस आत्मविश्वास के कारण ही वह अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल हो जाता है। यदि इसका ऊपरी भाग अनामिका की ओर झुका हुआ हो तो ऐसा व्यक्ति भाग्य पर भरोसा करने वाला एवं संगीत, कला आदि में रुचि रखने वाला होता है। अनामिका उंगली : अंग्रेजी में इस उंगली को 'फिंगर आफ अपोलो' भी कहते हैं क्योंकि इसके मूल में सूर्य का स्थान होता है। सामान्यतः यह उंगली मध्यमा से छोटी परन्तु तर्जनी से अपेक्षाकृत लम्बी होती है। परन्तु कुछ हाथों में इसका अपवाद भी देखा गया है। यदि यह उंगली तर्जनी से बड़ी होती है तो ऐसा व्यक्ति उन्नति करता है और उसमें [चित्र: अनामिका / सूर्य की उंगली — चित्र संख्या: ७७] दया, प्रेम, स्नेह आदि मानवोचित गुण जरूरत से ज्यादा होते हैं परन्तु यदि यह उंगली मध्यमा के बराबर पहुंच जाती है तो ऐसे व्यक्ति अत्यन्त दुष्ट एवं स्वार्थी होते हैं। ऐसे व्यक्ति अपने स्वार्थ के कारण सामने वाले का अधिक से अधिक अहित करने से भी नहीं चूकते। परन्तु ऐसे व्यक्ति भाग्यवादी होते हैं तथा अपने बल का अधिकांश