भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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( ५६ ) उंगलियों पर निशान : उंगलियों पर पाये जाने वाले निशान भी हस्तरेखा विशेषज्ञ के लिये बहुत अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। अपराध शास्त्र में इन चिन्हों का बहुत अधिक महत्व माना गया है। इन चिन्हों के माध्यम से व्यक्ति के चरित्र उसका मनोविज्ञान आदि को अच्छी तरह से जान सकते हैं। इन चिन्हों के माध्यम से ही हम उसके व्यक्तित्व को भली प्रकार से समझ सकते हैं। ये चिह्न निम्न प्रकार से हैं : १. शंकु :—उंगलियों के ऊपरी भाग अर्थात पोरुओं पर यदि शंकु का चिन्ह दिखाई दे तो ऐसा व्यक्ति मानसिक रूप से अत्यन्त समर्थ एवं श्रेष्ठ होता है। ऐसे व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी उन्नति करते रहते हैं तथा परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करते हैं साथ ही परिस्थितियों के अनुसार अपने आपको ढाल लेने की क्षमता रखते हैं। ऐसे व्यक्ति जीवन में अपने प्रयत्नों से सफल हो जाते हैं परन्तु वृद्धा- वस्था में ये व्यक्ति हृदय रोगों के भी शिकार पाये जाते हैं। २. तम्बू :—किसी-किसी व्यक्ति की उंगलियों के पोरुओं पर तम्बू वत चिह्न देखने को मिलते हैं। ऐसे व्यक्ति अधिकतर सहृदय एवं कलाकार होते हैं और अपनी कला के माध्यम से बहुत ऊंचे उठते हैं। परन्तु यह बात भी सही है कि ऐसे व्यक्ति भावुक होते हैं और इन लोगों का अनुचित लाभ उठाया जाता है। मानसिक दृष्टि से ऐसे व्यक्ति असंतुलित होते हैं तथा इनका गृहस्थ जीवन लगभग दुखमय-सा ही रहता है। ३. चक्र :—उंगलियों पर चक्र के निशान पाये जाना शुभ माना गया है। ऐसे व्यक्ति अपने विचारों में स्वतंत्र होते हैं तथा इनके प्रत्येक कार्य में मौलिकता दिखाई देती है। विवेक के बल पर ये समाज में सम्माननीय स्थान भी प्राप्त करते हैं तथा ये रूढ़ि, अज्ञान और पोंगा पन्थी से दूर रहते हैं। ४. मेहराब :—जिन के पोरुओं पर मेहराब के चिह्न पाये जाते हैं, वे व्यक्ति अधिकतर आलसी, शक्की तथा सन्देहशील प्रकृति के होते हैं। ऐसे व्यक्तियों का न तो अपने आप पर भरोसा होता है और न ये किसी दूसरों पर भरोसा करते हैं। ऐसे व्यक्ति अपने चारों ओर भ्रम का वातावरण बनाये रखते हैं। रहस्यमय कार्यों तथा गुप्तचर से सम्बन्धित कार्यों में ये विशेष सफलता प्राप्त कर सकते हैं। ५. त्रिभुज :—त्रिभुज का चिह्न व्यक्ति को रहस्यमय बनाता है। ऐसे व्यक्ति योगाभ्यास के द्वारा अपने शरीर को सुगठित बनाने में समर्थ होते हैं। साथ ही साथ ऐसे व्यक्ति एकान्त प्रेमी तथा रूढ़िवादी भी देखे गए हैं। इनके मन में जो बात घर कर जाती है उसे ये सहज में ही नहीं छोड़ते।