बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)
Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana
महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा
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से लम्बा होता है तो ऐसा व्यक्ति हत्यारा, डाकू या समाज-विरोधी कार्यों में संलग्न रहता है । ६. दूसरा पर्व :-यदि यह पर्व लम्बा होता है तो ऐसा व्यक्ति चतुर, साव- धान तथा समाज के कार्यों में आगे बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाला होता है । अपने कार्यों से यह समाज में सम्माननीय स्थान प्राप्त करता है। यदि यह पर्व छोटा हो तो व्यक्ति बिना सोचे-समझे काम कर लेता है और उसमें असफल होने पर बराबर पछताता रहता है । जोखिमपूर्ण कार्यों में यह व्यक्ति बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है । यदि यह पर्व महा हो तो उसमें तर्क-शक्ति का अभाव होता है । यदि यह पर्व पिचका हुआ दिखाई दे तो व्यक्ति का मस्तिष्क अत्यन्त तीव्र एवं संवेदनशील होता है। वस्तुतः हस्तरेखा विशेषज्ञ के लिए अंगूठा और उंगलियों का अध्ययन अपने- आप में बहुत अधिक महत्त्व रखता है ।