भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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से लम्बा होता है तो ऐसा व्यक्ति हत्यारा, डाकू या समाज-विरोधी कार्यों में संलग्न रहता है । ६. दूसरा पर्व :-यदि यह पर्व लम्बा होता है तो ऐसा व्यक्ति चतुर, साव- धान तथा समाज के कार्यों में आगे बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाला होता है । अपने कार्यों से यह समाज में सम्माननीय स्थान प्राप्त करता है। यदि यह पर्व छोटा हो तो व्यक्ति बिना सोचे-समझे काम कर लेता है और उसमें असफल होने पर बराबर पछताता रहता है । जोखिमपूर्ण कार्यों में यह व्यक्ति बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है । यदि यह पर्व महा हो तो उसमें तर्क-शक्ति का अभाव होता है । यदि यह पर्व पिचका हुआ दिखाई दे तो व्यक्ति का मस्तिष्क अत्यन्त तीव्र एवं संवेदनशील होता है। वस्तुतः हस्तरेखा विशेषज्ञ के लिए अंगूठा और उंगलियों का अध्ययन अपने- आप में बहुत अधिक महत्त्व रखता है ।