भारतकोश
यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 404, कुल 421 में से

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पृष्ठ 404

उत्तरार्ध सैंतीसवां अध्याय हम पृथ्वी के दिव्य यज्ञ में आप को अग्र स्थान पर बैठाते हैं. हम यज्ञ के लिए आप को यज्ञ के शीर्षस्थ स्थान पर प्रतिष्ठित करते हैं. ( ५ ) इन्द्रस्यौज स्थ मखस्य वोद्य शिरो राध्यासं देवयजने पृथिव्याः. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे.. ( ६ ) हम पृथ्वी के इस दिव्य यज्ञ में इंद्र देव को ओज की तरह यज्ञ के शीर्षस्थ स्थान पर प्रतिष्ठित करते हैं. हम यज्ञ के लिए आप को शीर्ष पर प्रतिष्ठित करते हैं. हम यज्ञ के लिए आप को शीर्ष पर प्रतिष्ठित करते हैं. हम यज्ञ के लिए आप को शीर्ष पर प्रतिष्ठित करते हैं. हम यज्ञ के लिए आप को शीर्ष पर प्रतिष्ठित करते हैं. ( ६ ) प्रैतु ब्रह्मणस्पतिः प्र देव्येतु सूनृता. अच्छा वीरं नर्यं पङ्क्तिराधसं देवा यज्ञं नयन्तु नः. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे.. (७) ब्रह्मणस्पति देव इस दिव्य यज्ञ में पधारने की कृपा करें. सरस्वती देवी इस दिव्य यज्ञ में पधारने की कृपा करें. श्रेष्ठ वीर को प्रजानुपालक इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. ( ७ ) मखस्य शिरोसि. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखस्य शिरोसि. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखस्य शिरोसि. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्षे.. (८) हे अग्नि! आप यज्ञ के सिर हैं. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. ( ८ ) ४०४ - यजुर्वेद 632/26