यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Yajurveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 405, कुल 421 में से
संदर्भ में पढ़ेंउत्तरार्ध सैंतीसवां अध्याय अश्वस्य त्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे. अश्वस्य त्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे. अश्वस्य त्वा वृष्णः शक्ना धूपयामि देवयजने पृथिव्याः. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे.. (९) हे परमात्मा! आप के लिए पृथ्वि पर किए जा रहे इस दिव्य यज्ञ में हम शक्तिशाली घोड़े को धूपायित (संस्कारमय) करते हैं. हम यज्ञ के लिए आप को यज्ञ के शीर्षस्थ स्थान पर प्रतिष्ठित करते हैं. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. (९) ऋजवे त्वा साधवे त्वा सुक्षित्यै त्वा. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे. मखाय त्वा मखस्य त्वा शीर्ष्र्णे.. (१०) हे सामर्थ्यशाली देव! हम सत्य और सुरक्षा हेतु आप को साधते हैं. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. (१०) यमाय त्वा मखाय त्वा सूर्यस्य त्वा तपसे. देवस्त्वा सविता मध्वानक्तु पृथिव्याः स ᳵ स्पृशस्पांहि. अर्चिरसि शोचिरसि तपोसि.. (११) हे सामर्थ्यशाली देव! हम यम देव के लिए आप को प्रतिष्ठित करते हैं. हम यज्ञ देव व सूर्य के लिए आप को प्रतिष्ठित करते हैं. हम सविता देव के लिए आप को मधुर बनाएं. आप पृथ्वी को स्पर्श करने की कृपा करें. आप पृथ्वी की रक्षा करने की कृपा करें. आप पवित्र व तपोमय हैं. हम आप की अर्चना करते हैं. (११) अनाधृष्टा पुरस्तादग्नेराधिपत्य ऽ आयुर्मे दाः. पुत्रवती दक्षिणत ऽ इन्द्रस्याधिपत्ये प्रजां मे दाः. सुषद्रा पश्चाद्देवस्य सवितुराधिपत्ये चक्षुर्मे दाः. आश्रुतिरुत्तरतो धातुराधिपत्ये रायस्पोषं मे दाः. यजुर्वेद - ४०५