भारतकोश
यथार्थ गीता (श्रीमद्भगवद्गीता - स्वामी अड़गड़ानन्द)

यथार्थ गीता (श्रीमद्भगवद्गीता - स्वामी अड़गड़ानन्द)

Yatharth Geeta - Srimad Bhagavad Gita (Swami Adgadanand)

स्वामी अड़गड़ानन्द द्वारा

स्रोत: मानव धर्मशास्त्र - ५२०० वर्षों के अन्तराल के बाद श्रीमद्भगवद्गीता की शाश्वत व्याख्या · श्री परमहंस स्वामी अड़गड़ानन्दजी आश्रम ट्रस्ट · 2015 (उद्गम)

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अनुक्रमणिका विषय पृष्ठ संख्या प्राक्कथन .................................................... क - ङ प्रथम अध्याय (संशय-विषाद योग) ................................ १-२४ द्वितीय अध्याय (कर्म-जिज्ञासा) .................................... २५-६६ तृतीय अध्याय (शत्रुविनाश-प्रेरणा) ................................. ६७-९४ चतुर्थ अध्याय (यज्ञकर्म स्पष्टीकरण) ............................... ९५-१२८ पञ्चम अध्याय (यज्ञभोक्ता महापुरुषस्थ महेश्वर) ............ १२९-१४२ षष्ठम अध्याय (अभ्यासयोग) .................................... १४३-१६२ सप्तम अध्याय (समग्र जानकारी) .................................. १६३-१७६ अष्टम अध्याय (अक्षर ब्रह्मयोग) ................................. १७७-१९४ नवम अध्याय (राजविद्या-जागृति) .............................. १९५-२१४ दशम अध्याय (विभूति-वर्णन) .................................... २१५-२३२ एकादश अध्याय (विश्वरूप-दर्शन योग) ........................... २३३-२५८ द्वादश अध्याय (भक्तियोग) ....................................... २५९-२६८ त्रयोदश अध्याय (क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग) ........................ २६९-२८२ चतुर्दश अध्याय (गुणत्रय विभाग योग) ............................ २८३-२९४ पञ्चदश अध्याय (पुरुषोत्तम योग) ................................ २९५-३०६ षोडश अध्याय (दैवासुर सम्पद विभाग योग) ..................... ३०७-३१६ सप्तदश अध्याय (ॐतत्प्रत्य् व श्रद्धात्रय विभाग योग) ......... ३१७-३३० अष्टादश अध्याय (संन्यास योग) ................................ ३३१-३६२ उपशम ........................................................... ३६३-३८८ ।। ॐ ।।