सामग्री पर जाएँ
भारतकोश
योगवाशिष्ठ महारामायण

योगवाशिष्ठ महारामायण

Yog Vashishta Maha Ramayan

महर्षि वाल्मीकि द्वारा

स्रोत: योगवाशिष्ठ महारामायण (हिन्दी भाषा टीका) · Archive.org (उद्गम)

DevanagariHindipublished1,734 पृष्ठ

पृष्ठ 1437, कुल 1734 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1437

६३२ ☸ योगवासिष्ठ ☸

और सदा तपते रहते हैं । जिनकी आत्मपद में स्थिति हुई है, उनको दुःख कभी स्पर्श नहीं करता । यदि प्रलयकाल का पवन चले और पुष्करमेघ की वर्षा हो, वड़वाग्नि लगे और द्वादश सूर्य तपें, तो भी वे ऐसे क्षोभों में भी चलायमान नहीं होते, क्योंकि वे सब ब्रह्मस्वरूप जानते हैं । जैसे तृण से पर्वत चलायमान नहीं होता, वैसे ही वे बड़े दुःखों में भी चलायमान नहीं होते । दुःख तब होता है जब आत्मा से भिन्न कुछ भासता है । पर उनको तो आत्मा से भिन्न कुछ भासता ही नहीं ।

हे राम ! यह जब सब जगत् आत्मानुभवरूप है, क्योंकि यह आत्मरूप है । जैसे स्वप्न में अनुभव से भिन्न कुछ वस्तु नहीं होती, वैसे ही सब जगत् अनुभवरूप है । जो भिन्न भासता है, वह भ्रान्तिमात्र है । यह जगत् जो नाना प्रकार का दिखता है, सो आत्मा में अव्यक्तरूप है और भ्रम से प्रकट दिखता है । जैसे आकाश में नीलापन भ्रम से सिद्ध है, वैसे ही आत्मा में जगत् भ्रम से सिद्ध है । वास्तव में ब्रह्म से भिन्न कुछ नहीं; आत्मसत्ता ही जगतरूप होकर दिखती है और उसमें जैसा-जैसा निश्चय होता है, वैसा ही वैसा अधिष्ठानरूप होकर भासित होता है । जिनको कारण में सृष्टि का होना दृढ़ हो रहा है, उनको वैसा ही भासता है । जिनको परमाणुओं से सृष्टि उत्पन्न होने का निश्चय है, उनको वैसे ही सृष्टि सत्य भासित होती है और माध्यमिक, सत्-असत् के मध्य वस्तु को मानते हैं एक चार्वाक म्लेंच्छ हैं, जो चारों तत्त्वों से सृष्टि की उत्पत्ति मानते हैं बौद्ध कहते हैं कि जो कुछ वस्तु है, वह बोध है । उसका अभाव होने में सब शून्य है । ब्राह्मण, हाथी, गो, श्वान, घोड़ा, सूर्यादिक में भिन्न-भिन्न प्रतीत हो रही है, पर जो ज्ञानवान् ब्राह्मण हैं, वे सबमें एक ब्रह्मसत्ता अनुस्यूत देखते हैं । हे राम ! वस्तु तो एक है पर उसमें जिसको जैसा निश्चय हुआ है, उसे वैसा ही भासता है । जैसे चिन्तामणि और कल्पतरु में जैसा भावना करते हैं, वैसी ही सिद्धि होती है, वैसे ही आत्मसत्ता में जैसी भावना करते हैं, वैसा ही रूप भासता है । हे राम ! बुद्धिमानों ने निर्णय किया है कि आत्मसत्ता