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भारतकोश
योगवाशिष्ठ महारामायण

योगवाशिष्ठ महारामायण

Yog Vashishta Maha Ramayan

महर्षि वाल्मीकि द्वारा

स्रोत: योगवाशिष्ठ महारामायण (हिन्दी भाषा टीका) · Archive.org (उद्गम)

DevanagariHindipublished1,734 पृष्ठ

पृष्ठ 935, कुल 1734 में से

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पृष्ठ 935
  • निर्वाण प्रकरण * १२५

रेखाएँ उभरती हैं, वैसे ही आत्मा में यह जगत् प्रकट है, और वह आत्मा रूप है। आत्मरूपी शिला नीरन्ध्र है, उसमें कोई छिद्र नहीं। जैसे जल में तरङ्ग जलरूप होते हैं तैसे ही ब्रह्म में जगत् ब्रह्मरूप है। वह ब्रह्म सम, शान्तरूप और सुषुप्तवत् स्थित है। उसमें जगत् कुछ उपजा नहीं, वह शिला की रेखाओं सा है। जैसे बेल के भीतर मज्जा होती है, वैसे ही ब्रह्म में जगत् स्थित है। जैसे आकाश में शून्यता, जल में द्रवता और वायु में स्पन्दता होता है, वैसे ही ब्रह्म में जगत् है। ब्रह्म और जगत् में कुछ भेद नहीं। जैसे शाखा और वृक्ष में कुछ भेद नहीं, वैसे ही ब्रह्म और जगत् में कुछ भेद नहीं—ब्रह्म ही जगत् है और जगत् ही ब्रह्म है।

हे राम ! इसमें भाव-अभाव या भेद-कल्पना कोई नहीं। ब्रह्मसत्ता ही प्रकाशती है और ब्रह्म ही जगतरूप होकर देख पड़ता है। जैसे मरुस्थल में सूर्य की किरणें जल के समान चमकती हैं, वैसे ही ब्रह्म जगतरूप होकर दिखता है। हे राम ! सुमेरु आदि पर्वत, तृण, वन और चित्त जगत्-परिणाम से लेकर सब प्राणियों को विभाग देखिये तो सर्वत्र परमसत्ता ही देख पड़ती है और सब पदार्थों में सूक्ष्मभाव से वही सत्ता व्यापी है। जैसे जल का रस वनस्पति में व्यापा हुआ है, वैसे ही सब जगत् में सूक्ष्मरूप से आत्मसत्ता व्यापी हुई है। जैसे एक ही रस-सत्ता, वृक्ष, तृण और गुच्छों में व्यापी हुई है। और एक ही अनेकरूप भासित होती है, वैसे एक ही ब्रह्मसत्ता अनेकरूप भासती है। हे राम ! जैसे मोर के अण्डे में अनेक रङ्ग होते हैं और जब अण्डा फूट जाता है तब उसमें शनैःशनै अनेक रङ्ग प्रकट होते हैं और वह एक ही रस अनेक रूप हो भासित होता है, वैसे एक ही आत्मा अनेकरूप में जगत् के आकार में भासित होती है। जैसे मोर के अण्डे में एक ही रस होता, परन्तु जो दीर्घसूत्री अज्ञानी हैं, उनको भविष्य के अनेक रङ्ग जो उसमें भासित होते हैं सो बिना उपजे ही उपजे भासते हैं, वैसे ही यह जगत् अनउपजा ही अज्ञानी के हृदय में नानात्व युक्त स्थित होता और जो ज्ञानवान् हैं उनको एकरस ब्रह्मसत्ता ही देख पड़ती है। जैसे मोर का रस परिणाम को न प्राप्त होने पर एकरस है, और परिणाम को