योगिनी हृदयम् (अमृतानन्दनाथ विमर्शिनी एवं पं. व्रजवल्लभ द्विवेदी सविस्तार सटीक)
Yogini Hridayam with Amritanandanatha Dipika by Vraj Vallabha Dwivedi
अमृतानन्दनाथ (भाष्यकार: पं. व्रजवल्लभ द्विवेदी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२३८ योगिनीहृदयम् [ पूजासंकेतः स्वामिन्यः। दादिदेवताः डाकिनीराकिनीलाकिनीकाकिनीसाकिनीहाकिन्यः। अमृतादियुताः स्वच्छन्दसंग्रहोक्ताः। यथा— अमृता प्रथमा देवी द्वितीयाकर्षिणी मता। इन्द्राणी च तृतीया स्यादींशानी तु चतुर्थिका॥ पञ्चमी स्यादुमा देवी षष्ठी चैवोर्ध्वकेशिनी। सप्तमी ऋद्धिदा प्रोक्ता ऋषा चाष्टमिकी मता॥ लृका नवमिका प्रोक्ता लृषा स्याद् दशमी तथा। एकादशी^१ यथा चैकपादा द्वादशिका शिवे॥ ऐश्वर्याभिरता पश्चादोङ्कारी तु त्रयोदशी। चतुर्दशी^२ चौषधात्मा पञ्चाधिकदशाऽम्बिका॥ षोडशी त्वःक्षरा देवी प्रोक्ताः षोडश ^३कण्ठगाः। कालरात्रिश्च खातीता गायत्री च ततः परम्॥ घण्टाधारी च ङार्णात्मा चण्डा छाया जयाऽपि च। झङ्कारी ज्ञानरूपा च टङ्कहस्ता ततः परम्॥ ठङ्कारी द्वादश ह्येता द्वादशारे समर्चयेत्। ^४डामरी चैव ढङ्कारी ^५णामिनी तामसी तथा॥ मज्जा और शुक्र ये छः ^१धातुएं हैं। इनकी स्वामिनियां है दादि देवता, अर्थात् डाकिनी, राकिनी, लाकिनी, काकिनी, साकिनी और हाकिनी नामक योगिनियां। अमृता आदि देवियों के नाम स्वच्छन्दसंग्रह में बताये गये हैं। जैसे कि— ^२अमृता पहली देवी है। दूसरी आकर्षिणी मानी गई है। तीसरी इन्द्राणी और चौथी ईशानी है। पाँचवीं उमा देवी और छठी ऊर्ध्वकेशिनी है। सातवीं का नाम ऋद्धिदा और आठवीं का ऋषा है। नवमी लृका तथा दसवीं लृषा है। एकपादा ग्यारहवीं है और हे शिवे ! ऐश्वर्याभिरता बारहवीं तथा ओङ्कारी तेरहवीं देवी है। औषधात्मा चौदहवीं और पन्द्रहवीं देवी अम्बिका है। सोलहवीं अःक्षरा देवी है। ये सभी सोलह देवियां कण्ठ, अर्थात् तालुगत विशुद्धिचक्र में विन्यस्त की जाती हैं। कालरात्रि, खातीता, गायत्री, घण्टाधारी, ङार्णात्मा, चण्डा, छाया, जया, झङ्कारी, ज्ञानरूपा, टङ्कहस्ता और १. शीति सा-उ. । २. दंश्योष-ख. ने. झ. उ. । ३. शक्तयः-क. ग. । ४. डाकिनीं- क. ग. ने. ज. । ५. णादिनीं-ने. । १. पृ० १९० की टिप्पणी देखिये। स्वच्छन्दसंग्रह के इस लम्बे उद्धरण में छः चक्रों और उनकी अधिष्ठात्री योगिनियों की चर्चा है। २. पहले (१।२५-२६) अकुल आदि शब्दों की व्याख्या के प्रसंग में स्वच्छन्दसंग्रह के इसी उद्धरण के आधार पर टिप्पणी में वरदा आदि शक्तियों के नाम दिये गये हैं।