भारतकोश
श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

श्रीमदानन्द रामायण (९ काण्ड संपूर्ण - हिन्दी अनुवाद सहित)

Srimad Ananda Ramayana Hindi

महर्षि वाल्मीकि / अज्ञात द्वारा

स्रोत: Srimad Ananda Ramayana Complete 9 Kandas with Hindi Translation (उद्गम)

DevanagariHindipublished811 पृष्ठ

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विषयानुक्रमणिका

विषयपृष्ठविषयपृष्ठ
रावणका लक्ष्मणपर शक्तिप्रयोग और हनुमान्‌का द्रोणगिरि लाने समय कालनेमिसे भेंट११८रामका राज्याभिषेक१३९
तड़ागपर जल पीनेके लिए गये हुए हनुमान्‌की मगरीका पकड़ना, हनुमान्‌के हाथों कालनेमिका वध और वहाँसे चलकर हनुमान्‌का भरत-के बाणप्रहारसे मूच्छित होकर गिरना१२०श्रीशिवजीके द्वारा रामकी स्तुति१४०
ऐरावण-मैरावण द्वारा राम-लक्ष्मणका हरण१२०राज्याभिषेकोत्सवपर स्वर्गसे महाराज दशरथ-का आना, रामका ब्राह्मणों-मित्रों तथा परिवारके लोगोंको उपहार देना१४१
हनुमान्‌का राम-लक्ष्मणको खोजने पाताल जाना, वहाँ मकरध्वजसे भेंट, मकरध्वजका अपनी जन्मकथा सुनाना और हनुमान्‌का कामाक्षादेवीके मंदिरमें प्रवेश१२१हनुमान्‌को रामके विविध वरदान और भोजनके समय हनुमान्‌का कौतुक१४२
हनुमान्‌का मैरावणकी पत्नीसे ऐरावण-मैरावण-के मरणका उपाय पूछना और उस नागकन्याका उन दोनोंकी मृत्युका उपाय बताना१२२पुष्पक विमान, सुग्रीव तथा विभीषणकी विदाई१४३
रामके द्वारा ऐरावण-मैरावणका वध१२४रामके रमणसुखकी समाप्तिका वर्णन१४४
उस नागकन्याको रामका वरदान, रावणका कुम्भकर्णको जगाना, रावणकी प्रेरणासे उसका समरभूमिमें जाना और रामके हाथों कुम्भकर्णका निधन१२५त्रयोदश सर्ग
मेघनादका निकुम्भिला देवीके मंदिरमें जाकर यज्ञ करना और हनुमान् तथा लक्ष्मण द्वारा यज्ञविध्वंस१२६रामके यहाँ अगस्त्य आदि ऋषियोंका आग-मन, रामका अगस्त्यसे मेघनादका वृत्तांत पूछना और उनका बताना१४६
लक्ष्मण द्वारा मेघनादका वध१२७रावण-कुम्भकर्ण आदिकी जन्मकथा१४७
सुलोचनाका सती होना१२८माताकी आज्ञासे रावणका शिवलिंग लेने कैलाश जाना और अपने मस्तक काटकर शिवजीको प्रसन्न करना तथा वरदान पाना१४८
रावणका सीताको रामका कटा हुआ नकली सिर दिखाना१२९रावण-कुम्भकर्ण-विभीषणका तप करके ब्रह्मा-को प्रसन्न करना और उनसे वरदान पाना१४९
मन्दोदरीका रावणको समझाना और रावणका रामके समक्ष नकली सीताको काटना१३०रावणको कुबेरपुत्र नलकुबरका शाप, मेघनाद-का इन्द्रको पराजित करना और उसका इन्द्रजित् नाम पड़ना१५०
राम-रावणका भीषण युद्ध१३१रावणका बालिसे लड़ने जाना और बालिका उसे अपनी कांखमें रख लेना१५१
रामके हाथों रावणका वध१३२रावणका वानरराज बालिसे युद्ध करने जाना और परास्त होना१५२
द्वादश सर्गरावणका राजा अनरण्यसे युद्ध और उनका रावणको शाप१५३
राम-सीताका मिलन१३३रावण-सनत्कुमारका वार्तालाप, रावणकी श्वेत-द्वीपयात्रा और वहाँकी स्त्रियोंके हाथों पिटना१५४
रामकी अयोध्या लौटनेकी तैयारी और विभीषणके प्रश्न१३४बालि-सुग्रीवकी जन्मकथा१५५
रामका त्रिजटाको वरदान१३५ब्रह्माका बालिको किष्किन्धाका राज्य देना और हनुमान्‌की जन्मकथा१५६
रामका अवध-प्रस्थान, मार्गमें सम्पातीसे भेंट और रामका सीताको विविध दृश्य दिखाना१३६हनुमान्‌का सूर्यको निगलना, हनुमान्‌पर इन्द्रका वज्रप्रहार, पवनका क्रोध और हनुमान्‌को ब्रह्माका वरदान१५७
उधर अवधि बीतते देखकर भरतका चितामें कूदनेको तैयार होना और उसी समय हनुमान्‌जी-का पहुँचना१३७इन्द्रका राहुको सूर्य देना और हनुमान्‌को मुनियोंका शाप मिलना१५८
राम-भरतका मिलन१३८रामराज्यके सुखका वर्णन१५९