अगस्त्य संहिता (महर्षि अगस्त्य - पञ्चरात्र राम-उपासना एवं मन्त्र-विधान सटीक)
Agastya Samhita of Sage Agastya with Commentary
महर्षि अगस्त्य / पं. भवनाथ झा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंप्रस्तावना (29) चन्द्रिका में आधार-ग्रन्थ के रूप में हुआ है। कहा नहीं जा सकता है कि यह अगस्त्य-संहिता है या इससे भिन्न ग्रन्थ है। अगस्त्यकल्प- बरौदा ओरियंटल रिसर्च इन्स्टीच्यूट में एक पाण्डुलिपि है, जिसकी पुष्पिका इस प्रकार है- इत्यगस्त्यप्रोक्तमेधादक्षिणामूर्तिकल्पः। अगस्त्य-गीता- वाराह पुराण एक अन्तर्गत पशुपालोपाख्यान (अध्याय 51-67) अगस्त्यगीता के नाम से उल्लिखित है। अगस्त्य-निघण्टु- यह शब्दकोश है। अगस्त्य-व्याकरण- तमिलभाषा का व्याकरण-ग्रन्थ। अगस्त्य-व्याकरणनिघण्टु अगस्त्य-व्याकरणोक्तशब्दसंग्रहनिघण्टु । अगस्त्य-श्रीरामसंवाद अगस्त्य-संपात- तन्त्र। अगस्त्य-संवाद- तन्त्र । अगस्त्य-संहिता- इसे अगस्त्य-सुतीक्ष्ण-संवाद से भिन्न रचना मानी गयी है। यदुनाथ कृत 'आगम-कल्पलता', उमानन्दनाथ कृत 'नित्योत्सव-निबन्ध', गङ्गानन्दनाथ कृत 'ललितार्चनचन्द्रिका', 'शाक्तानन्दतरंगिणी', तथा 'तन्त्रसार' में एक अगस्त्य-संहिता की चर्चा है, जिसे शाक्ततन्त्र की रचना मानी गयी है। इस ग्रन्थ से 'गायत्री-कवच' को उद्धृत किया गया है। अगस्ति-रामायण अगस्ति संहिता अगस्तिमल- इसका दूसरा नाम अगस्तीया-रत्नपरीक्षा है। Luis Ftom महोदय ने अपने ग्रन्थ Les Lapidaires Indiens में अन्य रत्न-सम्बन्धी संस्कृत पाठों के साथ इसका सम्पादन तथा फ्रेंच में अनुवाद किया था, जो 1896 ई. में पेरिस में प्रकाशित हुआ। अगस्तीश्वराष्टक- यह एक स्तोत्र है, जो अड्यार पुस्तकालय में उपलब्ध है। अगस्त्य-गृह्यसूत्र- आपस्तम्ब संहिता में जिन 18 गृह्यसूत्रों का उल्लेख है, उनमें अगस्त्य के नाम यह इस गृह्यसूत्र का उल्लेख हुआ है। अगस्त्य-पटल- अगस्त्य-प्रकाश-संहिता- अगस्त्य-वास्तुशास्त्र- अगस्त्यविद्या- मन्त्र । अड्यार पुस्तकालय बुलेटिन भाग 2, पृष्ठ 230