भक्तिरसामृतसिन्धु (श्रील रूप गोस्वामी - भक्ति रस शास्त्र सटीक)
Bhakti-Rasamrita-Sindhu with Hindi Commentary
श्रील रूप गोस्वामी / भक्तिवेदान्त व्याख्या द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंरसों की मैत्री-वैर स्थिति [ ३४१ वे कुछ न कह सकीं, केवल मुस्कराने लगीं । इसमें माधुर्य्यरस को अंगीरस और हास्यरस अंगरस समझा जायगा । अनेक रसों के मिश्रण का दृष्टान्त इस प्रकार है । जब श्रीकृष्ण की एक मित्र सहचरी ने देखा कि श्रीकृष्ण वृषभासुर से लडने को कमर कस रहे हैं तो वह सोचने लगी कि श्रीकृष्ण कैसे अद्भुत हैं, उनका मुख हँसती हुई चन्द्रवली की भौंहों पर मुग्ध है । उन्होंने अपने सर्प जैसे भुज- दण्ड को अपने सखा के कन्धे पर नियत कर रखा है और साथ ही युद्ध के लिए वृषभासुर को ललकारने के लिये वे सिंहनाद कर रहे हैं ।” इस उदाहरण में मधुररस, सख्यरस और वीररस हैं । यहाँ मधुररस अंगी हैं और अन्य दोनों अंगरस हैं । जब कुब्जा ने श्रीकृष्ण के पीताम्बर को पकड़ लिया तो श्रीकृष्ण ने हँसते हुए लोगों के सामने ही अपने चमकते कपोलों वाले मुख को नीचे झुका लिया । यह मधुररस और हास्यरस के मिश्रण का उदाहरण है । यहाँ हास्यरस अंगी है और मधुररस अंग है । भद्रसेन से लड़ने के लिये कटिबद्ध होते विशाल नामक ग्वाले को किसी दूसरे ने कहा, “हे विशाल ! तुम मेरे सामने अपनी वीरता क्यों प्रकट करना चाहते हो । सैकड़ों श्रीदामा और बलरामों को भी मैं कुछ नहीं गिनता । फिर तुम कौन हो ?” यह सख्यभक्तिरस और वीररस का मिश्रण है । यहाँ वीररस अंगी है और सख्य अंगरस है । शिशुपाल का श्रीकृष्ण को अपशब्द कहने का स्वभाव सा था । परन्तु अपने अपमानजनक शब्दों से उसने श्रीकृष्ण की अपेक्षा पाण्डवों को ही अधिक उत्तेजित किया । अतएव पाण्डवों ने शिशुपाल-वध के लिये शस्त्र-अस्त्र धारण कर लिये । उस समय उनके भावों में रौद्र और सख्यरस का मिश्रण था । रौद्र अंगीरस था और सख्यरस अंगरस था । एक बार श्रीकृष्ण ने देखा कि श्रीदामा अपनी लाठी को बड़ी कुशलता के साथ चलाता हुआ बलरामजी से लड़ रहा है, जो गदायुद्ध में बड़े दक्ष थे और अपनी गदा से जिन्होंने सुर जैसे असुरों तक को मार डाला था । अन्त में जब बलरामजी को केवल एक लाठी से लड़ रहे श्रीदामा ने हरा दिया तो श्रीकृष्ण बडे आनन्दित हुए और श्रीदामा की ओर महान् आश्चर्य से देखने लगे । इस उदाहरण में अद्भुत, सख्य तथा वीररस का मिश्रण है । सख्य तथा वीररस अंग हैं और अद्भुत अंगीरस समझा जाता है । इन नाना प्रकार के रसों के कुशल विश्लेषणकर्त्ता निर्देश करते हैं