भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१०८४ भावप्रकाशस्य पूर्वखण्डे सिर की ८ अस्थियाँ संमुखकपालास्थि (Frontal bone) १ | शंखास्थि (Temporal) २ पार्श्वकपालास्थि (Parietal) २ | झर्झरास्थि (Ethmoid) १ पश्चात्कपालास्थि (Occipital) १ | जतुकास्थि (Sphenoid) १ सब मिलाकर आठ अस्थियाँ सिर में होती हैं। मुख की १४ अस्थियाँ २ नासास्थि (Nasal) २ ताल्वस्थि (Palatal) २ ऊर्ध्वहन्विकास्थि (Maxilla) २ नासाफलकास्थि (Inferior Nasalconcha) २ गण्डास्थि (Malar or cheeck bones) १ हलाकार-अस्थि (Vomer) २ अश्रुविका (Lachrymal) १ अधोहन्विका (Mandible or Inferior Maxillary योग १४ ऊर्ध्वशाखा Uppar limbs की ६४ अस्थियाँ जिह्वामूलकास्थि (Hyoid) १ | प्रगण्डिका (Humerus) २ अक्षक (Clavicle) २ | अन्तःप्रकोष्ठास्थि (Ulna) २ अंसफलक (Scapula) २ | बहिःप्रकोष्ठास्थि (Radius) २ मणिबन्ध की अस्थियाँ (Wrist or Carpal bones) 31 करभास्थियां (हस्ततल में) (Meta Carpal bons) 10 अंगुलियों में (Phalaanges) में २८ (३×४=१२ अंगुलियों में तथा २ अंगूठे में=१४ एक हाथ में १४×२=२८ दोनों हाथों में मिलाकर) योग-६४ अधः शाखा की ६२ अस्थियाँ श्रोणिफलक या नितम्बास्थि (Hip bone or ossa innaminata) २ उर्विका (Femur) २ | गुल्फ देश में (Tarsal bones) १४ जानुकपालास्थि या जानुचक्रास्थि (Fatella) २ | प्रपद या पादतल की अस्थियाँ अन्तर्जङ्घिका (Tibia) २ | (Meta tarsal bones) १० बहिर्जङ्घिका (Fibula) २ | अङ्गुलियों में (Phalanges) २८ अधः शाखा की अस्थियाँ कुल ६२ हुईं पृष्ठवंश में २६ अस्थियाँ हैं इनके बीच में एक गोला छिद्र होता है जिसमें सुषुम्णा (spinal chord) रहती है उन अस्थियों के ५ समूह होते हैं। पृष्ठवंश की अस्थियाँ कशेरुकायें (Vertebra) कही जाती हैं। पृष्ठवंश की २६ अस्थियाँ ग्रीवा की (Cervica) कशेरुका ७ | त्रिकप्रदेश में त्रिकास्थियाँ (Sacrum) १