भावप्रकाश: चिकित्सा भाग (भावमिश्र - विद्योतिनी सविस्तार हिन्दी व्याख्या सम्पूर्ण कायचिकित्सा)
Bhavaprakasha Chikitsa Bhaga with Vidyotini Commentary
आचार्य भावमिश्र (टीकाकार: पं. ब्रह्मशंकर मिश्र एवं रूपलालजी वैश्य) द्वारा
पृष्ठ 625, कुल 1167 में से
संदर्भ में पढ़ें, it has an aa-matra on द्धा! वृद्धादारुक!
Wait, look at the mark before ‘विधारा’:
It is a bullet: •
Line 34:
विधारा-कषाय, कटु तथा तिक्त रसयुक्त, रसायन, वृष्य (वीर्यवर्धक), सारक, उष्णवीर्य तथा शुक्र आयु, बल,
Line 35 (Footnote):
१. अयं कोष्ठस्थः पाठः क्वाचित्कस्तथाऽप्युपयोगित्वादत्रोल्लिखितः।
Let's check the rest of the page carefully, line by line from the top:
Header:
५७४ भावप्रकाशनिघण्टुः
Wait, is it on one line? Yes: ५७४ at left, भावप्रकाशनिघण्टुः at center.
Line: १०७. सरफोंका
Names in different languages:
हिं०-सरफोंका, सरफोका। बं०-बननील। म०-उन्हाली। गु०-शरपंखो। ते०-तेल्ल वॆंपल्लि, मुलु
Wait! Is it तेल्ल वॆंपल्लि or तेल्ल वॆपल्लि or तेल्ल वॆंपल्लि?
Let's zoom in on तेल्ल:
ते ल्ल (