भारतकोश
ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना

Brahmacharya Sadhana

स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा

स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)

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ब्रह्मचर्य साधना

जाती है। क्या आप इन विद्युत कणों से कुछ पा सकते हैं? क्या आप ब्रह्मचर्य का पालन कर आप्यात्मिक शक्ति का अर्जन करेंगे। प्रकृति आपकी सबसे अच्छी गुरु तथा पथ-प्रदर्शक है।

१४. अश्लील संगीत मन में बहुत ही बुरा तथा गहरा नरकार डाल देता है। साधकों को ऐसे स्थानों से दूर रहना चाहिये जहाँ कि अनैतिक संगीत गाये जाते हो।

१५. अश्लील चित्र, अश्लील शब्द, प्रेम कहानियाँ बाला उपन्यास—इन सब के द्वारा कामोत्तेजन होता तथा मनुष्य के हृदय में कुलित इत्तियाँ पैदा होती हैं। किन्तु भगवान् कृष्ण या भगवान् राम या भगवान् बुद्ध के सुन्दर चित्र तथा मूर्तदान, तुलसीदास तथा त्यागराज के सुन्दर संगीत को सुनकर शुभ-इत्तियाँ उत्पन्न होती हैं। प्रेमाभू बहते तथा मन भाव समाधि में मग्न जाता है क्या आप दोनों के भेदों को अच्छी प्रकार से समझ गये हैं?

१६. बालकपन में बच्चे तथा बच्चियों में लिंग सम्बन्धी अधिक विवेद नहीं होता। कुमारान्वथा में आते ही उनमें बड़ा परिवर्तन हो जाता है। भावनायें, विचार, हावभाव, शरीर, बातें जैहरा तथा गति इन सबों में श्रन्तर हो जाता है।

१७. काशी के हनुमान घाट पर दो लड़कियाँ बूबने लगीं। दो युवकों ने तुरंत उनको चन्ना लिया। एक युवक ने लड़की से विवाह का प्रस्ताव किया। दूसरे ने कहा “मैंने तो अपना कर्त्तव्य कर दिया। ईश्वर ने मुझको सेवा करने का मौका प्रदान किया था।” उग