ब्रह्मचर्य साधना

ब्रह्मचर्य साधना
Brahmacharya Sadhana
स्वामी शिवानन्द सरस्वती द्वारा
स्रोत: 1980 Hindi 2nd Edition (Yoga-Vedanta Forest Academy) · Yoga-Vedanta Forest Academy / The Divine Life Trust Society, Rishikesh · 1980 (उद्गम)
DevanagariHindipublished237 पृष्ठ
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गृहस्थियों के लिए ब्रह्मचर्य
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पदार्थों के प्रति अनासक्त रहना ही वास्तविक संन्यास है । वास्तविक संन्यास, वासनाओं, ममता, स्वार्थ, तथा बन्धु, स्त्री, संपत्ति, और शरीर के मोह का त्याग है । आप को हिमाचल की कंदराओं में जाने की आवश्यकता नहीं है । मन की उपर्युक्त मानसिक स्थिति प्राप्त कीजिये । गृहस्थ में स्त्री बच्चों सहित रहिये, संसार में रहिये, पर सांसारिक विचारों से परे रहिये । सांसारी प्रपञ्चों का त्याग कीजिये । यही वास्तविक संन्यास है । यही वह है जो मैं चाहता हूँ । ऐसा करने से आप राजाओं के राजा बन जायेंगे ।
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