भारतकोश
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

आचार्य ब्रह्मगुप्त द्वारा

DevanagariHindipublished737 पृष्ठ

पृष्ठ 434, कुल 737 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 434

( ४८ ) इह नोक्तानि बहुत्वात्^२ स्पष्टगते^३रुत्तरे^५भिधास्यामि^४ । संक्रांतिर्भतिथिकरण^१ व्यतिपाताद्यंत^७ गणितानि ॥ ६७ ॥^८ ज्या^५ परिधि^८ स्पष्टीकरण^६ दिनगतिचरार्द्धं^७ करणेषु^१ । स्फुटगतिरध्याय^२ सप्तषष्टिराया द्वितीयोऽयम्^३ ॥ ६८ ॥ इति ब्रह्मगुप्ते^४ २योऽध्यायः ॥

६७. (घ) १. थिमकरण for (भतिथिकरण)
वि० इसकी श्लोक संख्या ६६ है । (ग) (क)
(क) २. बहुत्वत् for (बहुत्वात्)
३. स्पष्टगंते for (स्पष्टगते)
४. ऽभिधास्यामि for (भिधास्यामि)
६. 'करण' पद लुप्त है ।
७. व्यतीपाताद्य for (व्यतिपाताद्यंत)
(च) ४. वधास्यामि for (भिधास्यामि)
८. ।। ६६ ।। for (।।६७।।)
६८. (घ) १. +भतिथि+ (ग) (ख)
२. गति रध्यायः (ग) (क) (ख) गत्यध्यायः for (गतिरध्याय)
३. द्वितीयोयम् (ग) (च) for (द्वितीयोऽयम्)
इसकी श्लोक संख्या ६७ है। (च)
४. 'इति'—से 'अध्यायः' तक यहां अंकित नहीं इस अधिकार में केवल ६७
श्लोक हैं । (क)
(ग) ५. या for (ज्या)
६. करणां (ख) करणा for (करण)
७. दिनमानचरार्द्धं (ख) दिनरात्रिचरार्द्धं for (दिनगतिचरार्द्धं)
४. 'इति श्रीब्रह्मसिद्धान्ते स्फुटिकरणाधिकारो द्वितियः' यह नोट और ही लेखनी
का है, काग़ज़ के ऊपर दिया गया है ।
(क) ८. परिधिः for (परिधि)
(च) १. +भतिथि २. रध्यायः for (रध्याय)
४. 'इति' से 'अध्यायः' तक अंकित नहीं है ।