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चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

चन्दायन (मुल्ला दाऊद - प्राचीनतम अवधी सूफी-प्रेमाख्यान सटीक)

Chandayan of Mulla Daud with Hindi Commentary

मुल्ला दाऊद (१३७९ ई.) / डॉ. परमेश्वरीलाल गुप्त द्वारा

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ओडन धँवर लाग घूँघरा। धरमदास सो आगें धरा ॥३ छाँड़ फिरे धानुष फर गहा। पानि धूलि धरि धीर रहा ॥४ धरमदास तुम नेर न आवहु। फौन ठाम फिइँ जीठ गँवावहु ॥५ धरमदास मन कोपा, काट मूँड लूँ आउँ ।६ भुझवा थान निफर गा, धरमदास परा ठाँउ ॥७

१३३ ( रीकेण्डस ९१ ) जंग करदन धरमूँ ब कुश्तह शुदन धरमूँ ( धरमूँका युद्ध करना और मारा जाना ) पुनि धरमूँ गुन मेलस सानी । पाँच टूट औ पंच गँवानी ॥१ धता बजाइ मेरि ओँ (तूरा) । साँरुहि धरमूँ चाँपइ पाछा ॥२ धरमूँ कोप पीठ तइ भिरे । चीरै गर धरमूँ कँ घरे ॥३ गये परान धरमूँ धर मारसि । काइ फनार दिये महँ सारसि ॥४ देइ पाठ तोरसि भूदण्डा । काटसि चीर सीस नौखण्डा ॥५ रनमल पैठ खड़ग लै मारसि, फैंबरू कइ पूछ ।६ रहे न तेगा नर पै, जूझ राह मजबूत ॥७ मूलपाठ-ठप । टिप्पणी-(२) इसका पूर्वपद और अगले कड़बककी पंक्ति २ का पूर्व पद एक ही है।

१३४ ( रीकेण्डस ९३ ) जंगिकर्दे जंग रनपति गोबद ( रनपतिक युद्ध ) रनपत दीन्हि महर अगसारी । बाहु बियाहि अनँ हँबारी ॥१ धता बजाइ मरि ओँ (तूरा) । खड़ग मूँठ भरलिहासिसिझोग॥२ दौर खाँड रनमल सर दीन्हाँ । रक्त धार सब सेंदुर कीन्हाँ ॥३

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