भारतकोश
छान्दोग्योपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

छान्दोग्योपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Chandogya Upanishad with Shankara Bhashya

आदि शङ्कराचार्य द्वारा

स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished978 पृष्ठ

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( १५ )

त्रयोदश खण्ड
१३८. आहवनीयाग्निविद्या .... ४१४

चतुर्दश खण्ड
१३९. आचार्यका आगमन .... ४१६
१४०. आचार्य और उपकोसलका संवाद .... ४१७

पञ्चदश खण्ड
१४१. आचार्यका उपदेश—नेत्रस्थित पुरुषकी उपासना .... ४२०
१४२. ब्रह्मवेत्ताकी गति .... ४२३

षोडश खण्ड
१४३. यज्ञोपासना .... ४२८
१४४. ब्रह्माके मौनभङ्गसे यज्ञकी हानि .... ४३०
१४५. ब्रह्माके मौनपालनसे यज्ञकी प्रतिष्ठा .... ४३२

सप्तदश खण्ड
१४६. यज्ञ दोषके प्रायश्चित्तरूपसे व्याहृतियोंकी उपासना .... ४३४
१४७. विद्वान् ब्रह्माकी विशिष्टता .... ४३८

पञ्चम अध्याय

प्रथम खण्ड
१४८. ज्येष्ठश्रेष्ठादिगुणोपासना .... ४४३
१४९. इन्द्रियोंका विवाद .... ४४६
१५०. प्रजापतिका निर्णय .... ४४७
१५१. वागिन्द्रियकी परीक्षा .... ४४८
१५२. चक्षुकी परीक्षा .... ४४९
१५३. श्रोत्रकी परीक्षा .... ४४९
१५४. मनकी परीक्षा .... ४५०
१५५. प्राणकी परीक्षा और विजय .... ४५१
१५६. इन्द्रियोंद्वारा प्राणकी स्तुति .... ४५२

द्वितीय खण्ड
१५७. प्राणका अन्ननिर्देश .... ४५८
१५८. प्राणका वस्त्रनिर्देश .... ४६०
१५९. प्राणविद्याकी स्तुति .... ४६३
१६०. मन्थकर्म .... ४६४